जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल:

गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित वानिकी विभाग के शिक्षण और शोध कार्यों की गूंज विदेशी विश्वविद्यालयों में होने लगी है। रोटिनवर्ग यूनिवर्सिटी जर्मनी के नौ छात्र-छात्राएं यहां शिक्षण कार्य कर जर्मनी में गढ़वाल केंद्रीय विवि के वानिकी विभाग की पताका लहरा रहे हैं। जर्मनी की दसवीं छात्रा राहनर नोइमी भी सोमवार को श्रीनगर गढ़वाल पहुंच चुकी हैं। गढ़वाल केंद्रीय विवि के वानिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजीत नेगी ने बताया कि यह छात्रा मंगलवार को वानिकी बीएससी पंचम सेमेस्टर में प्रवेश लेकर अपना अध्ययन शुरू करेगी। जर्मनी से आने वाले इन छात्र-छात्राओं को फील्ड स्टडी करने के साथ ही वानिकी विभाग की फैकल्टियां प्रयोगशाला सुविधा भी उपलब्ध कराते हैं। डॉ. नेगी ने कहा कि गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और रोटिनवर्ग यूनिवर्सिटी जर्मनी के बीच शिक्षण में हुए एमओयू को लेकर जर्मनी के छात्र अपनी एक सेमेस्टर की पढ़ाई गढ़वाल विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग में पूरी करते हैं। उनकी एक सेमेस्टर पढ़ाई पूरी होने के बाद उनका रिजल्ट यहां से उनके विश्वविद्यालय को भेज दिया जाता है।

जर्मनी के छात्र-छात्राएं गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग की शिक्षण और शोध व्यवस्था से प्रभावित भी होते हैं। डॉ. अजीत कुमार नेगी ने कहा कि प्रैक्टिकल सेमेस्टर योजना को लेकर जर्मनी विवि के यह छात्र वर्ष 2014 से यहां आते हैं। जर्मनी से आने वाले इन छात्र-छात्राओं द्वारा यहां आकर वानिकी में जलवायु, जंगल, पानी और प्राकृतिक संसाधनों का अध्ययन किया। डॉ. नेगी ने कहा कि नवंबर 2019 में एमओयू की अवधि पूरी होने जा रही है। इसके बाद दिसम्बर 2019 में एमओयू का नवीनीकरण किया जाएगा। इनसेट गढ़वाल विवि के छात्र भी जाना चाहते हैं जर्मनी

रोटिनवर्ग यूनिवर्सिटी जर्मनी जाकर वानिकी में अध्ययन करने के लिए गढ़वाल विवि के वानिकी विभाग के छात्रों को मौका नहीं मिल पाता है। आर्थिक सहायता नहीं मिलना उनकी राह में रोड़ा बना हुआ है। विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग द्वारा जर्मनी भेजे जाने वाले छात्रों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के माध्यम से यूजीसी को पत्र भेजा जाता है, लेकिन यूजीसी दिल्ली से संबंधित धनराशि स्वीकृत नहीं होने के कारण गढ़वाल विवि वानिकी विभाग के छात्र इस एमओयू योजना के तहत चाहते हुए भी जर्मनी नहीं जा पाते हैं।

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