संवाद सहयोगी, पौड़ी: चकबंदी आंदोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब ने कहा कि सरकार चकबंदी के नाम पर पहाड़ी किसानों को गुमराह कर रही है। राज्य में जो भी नीतियां बन रही हैं, वह माफिया के इशारे पर बनाई जा रही हैं। गरीब ने कहा कि चकबंदी पर सरकार ने वादा पूरा नहीं किया तो उन्हें यहां के लोगों को मजबूरन न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा।

वह गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चकबंदी के नाम पर सरकार केवल दिखावा कर रही है। आजादी के बाद से अब तक पहाड़ी किसानों को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पहाड़ में चकबंदी न होने व खेतों का बिखराव होने के कारण पहाड़ी किसान खेती छोड़ने को मजबूर है। पहाड़ के जनप्रतिनिधियों ने भी इस संबंध में कभी कोई पहल नहीं की। चकबंदी केवल भाषणों व फाइलों में ही हो रही है। जमीनी स्तर पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। चकबंदी के नाम पर सिर्फ किसानों को गुमराह किया जा रहा है। सरकार किसानों के साथ फरेब कर रही है। गरीब ने कहा कि यदि सरकार ने चकबंदी के लिए किए गए वादे पूरे नहीं किए, तो मजबूरन यहां के लोगों को न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा।

Posted By: Jagran

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