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पौड़ी, जेएनएन। मुख्यालय में आयोजित जिला योजना की समीक्षा बैठक में डीआरडीए के परियोजना निदेशक और जल संस्थान कोटद्वार के अधिशासी अभियंता के अनुपस्थित पाए जाने पर उनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल ने बैठक का संचालन कर रहे डीएसटीओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। 

विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने जिला योजना के कार्यो की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान जैसे ही जल संस्थान के कार्यो की समीक्षा हो रही थी तो ईई जल संस्थान कोटद्वार नहीं दिखे। पता करने पर बताया गया वे आए ही नहीं हैं। इसी बीच डीआरडीए के परियोजना निदेशक भी बैठक में अनुपस्थित दिखे। जिला योजना की बैठक में अधिकारियों के अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल ने दोनों ही विभागों के अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। 
समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी होने वाले जिला योजना की बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजना के तहत जो भी विकास कार्य हो, वे गुणवत्ता के साथ ही हो। कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी को निर्देशित किया गया कि योजना के तहत मिली धनराशि से निर्माण शुरू करवाया जाए। 
इसके अलावा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि चयनित प्राथमिक स्कूलों में ई लर्निग की योजना के तहत बच्चों को रूचिकर शिक्षा प्रदान की इस मौके पर एसएसपी दलीप सिंह कुंवर, गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत, एडीएम डॉ. एसके बरनवाल, प्रभारी सीडीओ वेदप्रकाश, डीएसटीओ निर्मल शाह, डीपीआरओ एमएम खान, सीएओ देवेंद्र राणा, सीईओ एमएस रावत, डीईओ बेसिक कुंवर सिंह रावत, पौड़ी जल संस्थान के ईई एसके गुप्ता, खेल विभाग के प्रजापति कुकरेती आदि शामिल थे।

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