जागरण संवाददाता, कोटद्वार : कोटद्वार शहर से भाबर व सनेह के लिए सिटी बस का संचालन नगर निगम की फाइलों में ही दफन होकर रह गया। हालात यह हैं कि करीब ढाई वर्ष पूर्व प्रस्ताव पारित होने के बाद भी क्षेत्र में आज तक सिटी बस का संचालन नहीं हो पाया है। इधर, बस सेवाएं न होने के कारण तिपहिया वाहन चालक सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।

कोटद्वार नगर निगम में भाबर व सनेह बड़ी आबादी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। शहर को छोड़ दें तो भाबर व सनेह में करीब डेढ़ लाख की आबादी निवास करती है। मुख्य बाजार से दोनों क्षेत्रों में यातायात के लिए साधन के नाम पर महज तिपहिया वाहन ही हैं व अधिकांश आबादी इन्हीं से ही आवाजाही कर रही है। पिछले लंबे समय से इन क्षेत्रों के लिए सिटी बस चलाने की मांग की जा रही है। कई सामाजिक संगठन भी इस मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद कर चुके हैं। जून 2019 को नगर निगम की बोर्ड बैठक में इसके लिए प्रस्ताव भी पारित हुआ था। लेकिन, अभी तक निगम को इसके संचालन के लिए कोई भी संस्था नहीं मिल पाई है। नतीजतन, इन क्षेत्रों के व्यक्तियों को यातायात साधनों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

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पूर्व में दो मार्ग हुए थे चयनित

कोटद्वार में सिटी बस के संचालन के लिए दो मार्ग चयनित किए गए थे। इनमें एक मार्ग लालबत्ती से सनेह व दूसरा मार्ग लालबत्ती से भाबर के लिए था। हालांकि मार्ग चयनित किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। साधनों की बात करें तो वर्तमान में कोटद्वार से भाबर व सनेह के लिए प्रतिदिन तिपहिया वाहन (आटो) संचालित होते हैं। परिवहन निगम के आंकड़ों की बात करें तो कोटद्वार क्षेत्र में 565 तिपहिया वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें करीब पांच सौ वाहन सनेह व भाबर क्षेत्र के लिए संचालित होते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में करीब तीन सौ ई-रिक्शा हैं, इनमें भी करीब दो सौ ई-रिक्शा भाबर व सनेह में ही चलते हैं। बताना जरूरी है कि तिपहिया वाहन चालक सवारियों से मनमर्जी का किराया वसूलते हैं। विरोध करने पर सवारियों को बीच रास्ते में उतारने की भी कई मर्तबा शिकायतें सामने आई हैं। .....................

पूर्व में नगर निगम की बोर्ड बैठक में बसों के संचालन का प्रस्ताव पारित हुआ था। निगम की ओर से इस संबंध में परिवहन संस्थाओं से वार्ता भी की गई। लेकिन, कोई संस्था बस संचालन को राजी नहीं हुई। इस मर्तबा भी यह प्रस्ताव पुन: लाया गया, लेकिन तिपहिया वाहन चालकों के रोजगार को देखते हुए प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। ..हेमलता नेगी, महापौर, नगर निगम, कोटद्वार

Edited By: Jagran