जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो. जेपी पचौरी ने युवाओं को पुस्तकें पढ़ने पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ने की आदत से स्मरण शक्ति बढ़ती है, जबकि मोबाइल के प्रयोग से स्मरण शक्ति घटती है। बिड़ला परिसर के समाजशास्त्र विभाग में आयोजित व्याख्यानमाला में बतौर मुख्य वक्ता प्रो. पचौरी ने कहा कि आजकल युवा अधिकतर नई टेक्नालॉजी से ज्यादा प्रभावित होकर उसका अधिकतम प्रयोग भी करते हैं, जिस कारण युवा मानसिक अवसाद की स्थिति में भी आ जाते हैं। मोबाइल फोन के ज्यादा प्रयोग करने से विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी मनुष्य को घेर रही हैं।

समाजशास्त्री प्रो. पचौरी ने कहा कि हमेशा प्रसन्न रहने के साथ ही युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। समाज के साथ उनका जुड़ाव भी जरूरी है। ज्ञान ही शक्ति है। ज्ञान का कभी कोई अंत भी नहीं होता है। भावनात्मक रूप से भी युवा पीढ़ी को सशक्त होना होगा। गढ़वाल विवि समाजशास्त्र विभाग की अध्यक्ष प्रो. किरन डंगवाल ने विभाग की ओर से प्रो. जेपी पचौरी का स्वागत किया। डॉ. अर¨वद दरमोड़ा, दिनेश चौधरी, नरेश मिश्रा, मनीष भारद्वाज, विजेंद्र ¨सह आदि भी मौजूद थे।

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