वन विभाग की कोशिशों के बावजूद उत्तराखंड के टोला गांव में भालू का आतंक जारी, एक और घर तोड़ा
देवप्रयाग के दुर्गम टोला गांव में भालू ने वन विभाग की व्यवस्थाओं को धता बताते हुए एक और मकान ध्वस्त कर दिया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, देवप्रयाग। विधानसभा सभा क्षेत्र के दुर्गम गांव टोला में वन विभाग की व्यवस्थाओं को धता बताते हुए भालू ने फिर एक मकान को ध्वस्त कर दिया। चार कर्मचारियों की गश्त, सायरन और फाक्स लाइट के बावजूद भालू गांव में धमक पड़ा। ऐसे में ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। लोग रहने के सुरक्षित ठिकाने ढूंढ़ने लगे हैं। दूसरी ओर, रेंजर ने अब इस घटना पर रोक की कार्रवाई के लिए स्वयं देखरेख का जिम्मा ले लिया है।
कीर्तिनगर विकासखंड की डागर पट्टी के अंतिम गांव टोला में विगत चार दिनों से भालू धमाचौकड़ी मचा रहा है। वह मध्यरात्रि में आकर पठाल के घरों को ध्वस्त कर रहा है और सब्जियों को भी क्षति पहुंचा रहा है। उसने तीन दिन में तीन घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करने और एक घर को थोड़ा नुकसान पहुंचाया है।
85 साल में गांव में पहली बार ऐसी घटना
इस घटना की सूचना पर वन विभाग के चार कर्मचारियों के दल ने प्रभावित घर में डेरा डाल दिया था। एक घर की छत पर फाक्स लाइट और भालू के संभावित मार्ग पर सायरन वाला साइलेंसर भी स्थापित कर दिया था। घर के आगे आग भी जला दी गई थी। बताया गया है कि कर्मचारी रात को दूसरे घरों में गश्त पर गए तो भालू ने उसी समय सुरेंद्र सिंह के उस घर पर धावा बोल दिया, जिसमें उसने पहले कम नुकसान किया था। इसका पता कर्मचारियों को रात तीन बजे लगा।
गांव के कुछ लोगों का कहना था कि कर्मचारियों को इसी घर में ड्यूटी देनी चाहिए थी, ताकि उस जानवर को देखकर पहचाना और भगाया जा सकता। उधर, गांव वाले भालू के इस ढीठपन पर हैरत में हैं। गांव के केशर सिंह ने बताया कि अपनी उम्र के 85 साल में मैंने गांव में पहली बार ऐसी घटना घटते देखी है। उन्होंने कहा कि अब तो यहां दिन में भी डर लगने लगा है। गांव के कुछ अन्य लोगों ने बताया कि यही स्थिति रही तो उन्हें रहने को सुरक्षित स्थानों पर जाना होगा।
दूसरी ओर, रे़ंजर संजय बेलवाल ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी कमान स्वयं संभाल ली है। उन्होंने बताया कि मैं कर्मचारियों के दूसरे दल के साथ स्वयं घटनास्थल पर जा रहा हूं। हमें पहले पहचानना होगा कि यह जानवर भालू ही है या कुछ और। उन्होंने बताया कि इस जानवर से निजात दिलाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
