जागरण संवाददाता, पौड़ी: विकासखंड बंजर खेतों को आबाद करने का सपना तो हर किसान देखता है, लेकिन इसे साकार करना इतना आसान नहीं होता, लेकिन पाली गांव से सटे मेला खेत तोक में युवाओं ने अपनी मेहनत से इसे साकार कर दिखाया। युवाओं ने तीन माह में ही इन बंजर खेतों में बागवानी के जरिये करीब साठ हजार की कमाई कर ली है। मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने युवाओं की तैयार की गई बागवानी का निरीक्षण किया। कहा कि इसके लिए विभाग की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। फिलवक्त युवाओं की इस पहल की सभी सराहना कर रहे हैं।

पाली गांव निवासी राकेश नेगी ने बताया कि वे दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते थे। कोरोना संक्रमण के दौर में वे भी दिल्ली से गांव लौटे। गांव में ही स्वरोजगार को रोजगार बनाने की कार्ययोजना बनाई तथा परवीन सिंह, सुनील सिंह के साथ मिलकर मेला खेत तोक में बंजर पड़े कुछ खेतों को आबाद करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि खेतों में टमाटर, राई, पालक, खीरा, गोभी आदि का उत्पादन किया। पैदावार अच्छी हुई तो अब दिल्ली लौटने के बजाय यहीं फल-सब्जी उगाने का निर्णय लिया। तीन माह में इन्ही सब्जियों से करीब साठ हजार की आमदनी की। अब आगे भी मौसम के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने में जुटे हैं। कांडई मल्ली के पूर्व प्रधान दिगंबर सिंह रावत ने भी युवाओं की इस पहल को अन्य व्यक्तियों के लिए प्रेरणाप्रद बताया। मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि युवाओं को विभाग की ओर से वाटर टैंक मुहैया कराया जाएगा ताकि उत्पादन के दौरान पानी की कमी न हो। उन्होंने विभागीय कार्मिकों को तकनीकि सहयोग भी युवाओं को देने के निर्देश दिए।

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