विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देश की आन-बान-शान की रक्षा की कसम: कड़े प्रशिक्षण के बाद सेना में शामिल हुए 258 अग्निवीर

Published: Fri, 19 Jun 2026 06:50 PM (IST)

गढ़वाल राइफल्स में 258 अग्निवीरों ने देश सेवा की शपथ लेकर थल सेना में प्रवेश किया। ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ...और पढ़ें

गढ़वाल राइफल्स के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में कोर 8 के बैच-1 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीर को सम्मानित करते  कमान अधिकारी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी।

गढ़वाल राइफल्स के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में कोर 8 के बैच-1 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीर को सम्मानित करते  कमान अधिकारी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी।

HighLights

  1. 258 अग्निवीर गढ़वाल राइफल्स में हुए शामिल

  2. देश की आन बान शान की शपथ ली

  3. 24 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग हुई पूरी

संवाद सहयोगी, लैंसडौन (पौड़ी)। गढ़वाल राइफल्स में 258 अग्निवीर देश की आन बान शान की रक्षा करने की शपथ लेकर थल सेना में शामिल हो गए।

परेड के कमान अधिकारी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने अग्निवीरों से रेजिमेंट की ख्याति को और अधिक विश्वविख्यात करने का आह्वान किया।

शुक्रवार को गढ़वाल राइफल्स के भवानी दत्त परेड ग्राउंड में कोर 8 के बैच-1 के 258 अग्निवीरों की परेड आयोजित की गई। अग्निवीरों ने 24 सप्ताह की कठिन परीक्षा के बाद ट्रेनिंग का अंतिम चरण पार कर सेना की शपथ ली।

Agniveers joined the Army in the Garhwal Rifles

परेड की सलामी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने ली। परेड का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अग्निवीरों से कहा कि सेना में शामिल होकर उन्होंने अपने भविष्य का सर्वोत्तम निर्णय लिया है।

Garhwal Rifles

उन्होंने कहा कि यह आपके लिए गौरव और सम्मान की बात है कि अग्निवीर कोर्स-08 का प्रशिक्षण पूरा कर आज आप भारतीय सेना का हिस्सा बने हैं। देश की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहकर कर्तव्य का निर्वहन करना ही आपका धर्म है।

POP In Garhwal Rifles

ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने सभी अग्निवीरों के साहस और कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स की परंपरा और अनुशासन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब इन जवानों के कंधों पर है।

यह भी पढ़ें- गढ़वाल राइफल्स के शौर्य को उत्तराखंड के राज्यपाल का सलाम, बोले- नाम सुनते ही कांपता है दुश्मन

यह भी पढ़ें- NS Raja Subramani: गढ़वाल राइफल्स से CDS, जम्मू-कश्मीर से कजाकिस्तान तक संभाली जिम्मेदारी... एनएस राजा सुब्रमणि का सफर