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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संस्कृत कविताओं ने किया श्रोताओं को मंत्रमुग्ध

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Published: Sat, 13 Aug 2016 07:24 PM (IST)

जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित कवि सम्मेलन में संस्कृत क

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जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल:

संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित कवि सम्मेलन में संस्कृत की कविताअें ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यहां पर बड़ी संख्या में मोजूद छात्र-छात्राओं ने भी संस्कृत की कविताओं का आनंद लिया।

कीर्तिनगर विकासखंड सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से 15 कवि मौजूद थे। प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए आयोजित इस सम्मेलन में उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी और मध्य प्रदेश कवि आए हुए थे। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के अपर सचिव विनोद रतूड़ी कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार में हर व्यक्ति को सहयोगी बनना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख कीर्तिनगर अनीता निजवाला ने की। इस दौरान राइंका कीर्तिनगर की छात्राओं सरस्वती वंदना से अतिथियों का स्वागत किया।

सम्मेलन में संस्कृत अकादमी के सचिव सुरेश चंद्र बहुगुणा, मुख्य शिक्षा अधिकारी टिहरी दिनेश चंद्र गौड़, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डीएस आर्य, उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर केके मिश्र, तहसीलदार कीर्तिनगर एसएल चौरसिया, संस्कृत विभाग के पूर्व निदेशक वाचस्पति मैठाणी आदि मौजूद थे। संचालन उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के शोध अधिकारी हरीश चंद्र गुर्रानी ने किया।