संवाद सहयोगी, बाजपुर : विधान सभा चुनाव 2022 में एक बार फिर दस वर्ष बाद भाजपा व कांग्रेस में वही उम्मीदवार हो सकते है और कुछ वैसा ही परि²श्य देखने को मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो भाजपा से राजेश कुमार व कांग्रेस से यशपाल आर्य का टिकट लगभग तय है, जबकि अन्य लोग भी लाइन में है, लेकिन सूत्र बताते है कि पार्टी स्तर पर गहन मंथन रायशुमारी के बाद यह नाम तय होने जा रहे हैं। जल्द ही इनका एलान हो सकता है।
कांग्रेस में बडा नाम रखने बाले यशपाल आर्य द्वारा वर्ष, 2012 में बाजपुर विधान सभा 64 से चुनाव लडने का एलान किया।वर्ष,2012 विधानसभा चुनाव में ही उन्होंने भाजपा के राजेश कुमार को 15 हजार से भी अधिक मतों से पराजित किया था। इस बीच राजेश कुमार पांच वर्ष तक चुनाव की तैयारी करते रहे तो वही आर्य द्वारा क्षेत्र में एक हजार करोड़ से भी अधिक के विकास कार्य कराकर जनता का दिल जीत लिया। कुछ साल बाद आर्य ने  कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने उनके साथ पुत्र संजीव आर्य को भी टिकट दिया गया। जिसके चलते राजेश समर्थकों में मायूसी छा गई। लेकिन पार्टी के अनुशासित सिपाही होने का सबूत देते भाजपा के लोगों द्वारा चुनाव लडा जीत दर्ज की गई।

उन्होंने कांग्रेस की सुनीता बाजवा को हराया था। वर्तमान में पुन 2012 की तस्वीर उभर कर सामने आने लगी है अब देखना यह है कि कांग्रेस पार्टी किसान नेता जगतार ङ्क्षसह बाजवा की पत्नी सुनीता बाजवा को कैसे मना पाती है। अभी तक मुकाबला आमने सामने का है, लेकिन आने वाले समय में त्रिकोणीय हो सकता है। यशपाल आर्य को टिकट मिलने की चर्चा के बीच सुनीता बाजवा टम्टा को हाईकमान पर विश्वास है कि उसके साथ न्याय होगा। जबकि विजय पाल जाटव का कहना है कि उन्हें पहली वार युवा मुख्यमंत्री मिला है वह पार्टी के साथ है। 

Edited By: Prashant Mishra