पिथौरागढ़, जागरण संवाददाता : उत्तराखंड में मैदान से पहाड़ तक रामलीलाओं का मंचन जारी है। वहीं सात अक्टूबर से पिथौरागढ़ में रामलीला मंचन का एक अलग अंदाज देखने को मिलेगा। इस रामलीला में राम, सीता से लेकर हनुमान और रावण सहित सभी पात्र महिलाएं होंगी। रामलीला मंचन को आकर्षक बनाने के लिए महिला पात्र रिहर्सल में जुटी हुई हैं। महिलाओं की रामलीला मंचन को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बनी है।

पिथौरागढ़ में महिला रामलीला मंचन का शुभारंभ वर्ष 2021 से हुआ है। 2021 की महिला रामलीला मंचन एक ट्रेलर था लेकिन इस वर्ष महिला रामलीला एक नया अध्याय लिखने की तरफ अग्रसर है। इस बार रामलीला में राम, रावण, हनुमान, सीता सहित सभी पात्र महिलाएं निभाएंगी।

सभी महिला पात्रों को अभिनय के लिए तराश दिया गया है। कुछ दिन बाद से ही रामलीला मंच पर महिलाओं का मंचन होगा। मजेदार बात यह है कि जहां राम, लक्ष्मण, सीता से लेकर अन्य पात्रों की भूमिका बच्चियां निभाएंगी वहीं अन्य पात्रों के लिए बुुजुर्ग महिलाएं अभ्यास में जुटी हैं।

एक माह सेमहिलाएं कर रहीं हैं अभ्यास

महिला रामलीला के लिए महिला पात्रों का जोश काबिलेतारीफ है। बीते एक माह से चल रहे अभ्यास वर्ग में महिलाएं नियमित और अनुशासित ढंग से अभ्यास कर रही हैं। रामलीला के पात्रों का अभिनय निभाने के लिए चयनित महिलाएं पात्र के अनुसार अपने को ढाल रही हैं।

नीमा रावण, ममता बनेंगी हनुमान

महिला रामलीला के लिए नीमा निभाने जा रही हैं। वह अपने को रावण का पात्र चयनित करने के लिए आयोजकों का आभार जताती हैं। ममता पाठक रामदूत हनुमान का रोल निभाने वाली हैं। हनुमान जैसे महत्वपूर्ण पात्र बनने को लेकर अति उत्साहित हैं। वह हनुमान का पात्र चयनित होने को अपने लिए राम का ही आशीर्वाद बताती हैं। तृप्ति सीता का भूमिका अदा करेगी जिसके लिए वह अति उत्साहित है।

चौपाई गायन में माहिर हो चुकी हैं महिलाएं

रामलीला तालीम में चौपाई गायन में महिलाएं माहिर हो चुकी हैं। महिला रामलीला मंचन की आयोजक उमा पांडेय का कहना है कि यूं तो महिला रामलीला का मंचन बीते वर्ष से ही हो चुका है परंतु इस बार की रामलीला मंचन महिला सशक्तीकरण का मिसाल बनने जा रही है। मंचन में अभिनय करने वाली महिलाएं इसे साबित करने में सक्षम है।

यह रामलीला मंचन अभिनय के क्षेत्र में महिलाओं को एक मंच प्रदान करेगा और साबित करेगा की महिलाएं भी सक्षम हैं। अब तक कुमाऊं में रामलीला मंचन में केवल पुरु ष ही पात्र होते थे अब यह मिथक टूटने जा रहा है।

रावण का अभिनय निभा रही नीमा का कहना है कि वह बचपन में जब रामलीला देखने जाती थी। रामलीला देखने के बाद बच्चे अपने गांव, घर में रामलीला के पात्रों का गायन करते थे और रामलीला का मंचन करते थे। मैं तब से ही रावण का अभिनय खेलती थी और मेरी इच्छा बड़े मंच पर रावण का अभिनय करने की थी । यह इच्छा इस बार पूरा होने जा रही है।

हनुमान बनना मेरे लिए सम्मान की बात

हनुमान का पाठ खेलने वाली ममता कहती हैं कि रामलीला जनमानस में छाया मंचन है। बचपन में रामलीला देखने के बाद हम बच्चे भी आपस में ही राम सीता व अन्य पात्र बन कर मंचन करते थे। इधर अब यह मंचन मंच पर होने जा रहा है। मुझे हनुमान का पात्र निभाना है यह मेरे लिए अति सुखद है। हम सभी महिलाएं इसके लिए मन और मस्तिष्क से पूर्णत तैयार हो चुकी हैं।

Edited By: Skand Shukla

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