जागरण संवाददाता, नैनीताल : Nainital Lake News : मानसून की बारिश और पेयजल आपूर्ति में कटौती नैनीझील के लिए वरदान साबित हो रही है। पिछले 31 वर्षो में पहली बार झील का जलस्तर सामान्य से 12 फीट अधिक पर स्थिर बना है। पिछले कुछ सालों में बारिश कम होने से नैनी झील का घटता जलस्तर प्रशासन से लेकर पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों की चिंता की वजह बना था। कोविड लॉकडाउन में पर्यटन कारोबार ठप रहा तो पानी की आपूर्ति में भी कटौती रही। जिससे झील के जलस्तर में भी सुधार नजर आया। इस साल मानसून अभी विदा नहीं हुआ है। जिस कारण झील लबालब भरी है।

बीते 31 वर्षो में नहीं बनी ऐसी स्थिति

झील सुपरवाइजर रमेश सिंह गैड़ा ने बताया कि झील का जलस्तर सामान्य से 12 फीट ऊपर पहुंचने पर पानी की निकासी शुरू कर दी गई थी। मगर झील का जलस्तर न गिरे इसलिए जल्द ही गेट बंद कर दिए गए। बीते 23 दिनों से झील का जलस्तर 12 फीट पर स्थिर बना है। सिंचाई विभाग के पास 1990 के बाद से अब तक का जलस्तर का डाटा उपलब्ध है। पिछले 31 वर्ष में यह पहली बार है कि झील का जलस्तर 24 जुलाई से अब तक यानि 23 दिनों तक 12 फीट पर स्थिर बना है। जनवरी से अब तक कुल 1773 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। कोविड संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से पर्यटकों की आमद घटी तो जल संस्थान द्वारा रोजाना आठ एमएलडी आपूर्ति को अधिक नहीं बढ़ाया गया।

ऐसे मापा जाता है झील का जलस्तर

झील नियंत्रण कक्ष के कर्मी रमेश के अनुसार झील की अधिकतम गहराई 27 मीटर है। झील का जलस्तर मापने के लिए ब्रिटिशकाल से गेज मीटर लगाए गए हैं। जिसमें 0-12 फीट तक ऊचाई इंगित है। इस गेज मीटर में जब पानी शून्य से नीचे जाता है तो माइनस और ऊपर जाता है तो प्लस में जलस्तर मापा जाता है। झील की गहराई के परिपेक्ष्य में 24.5 मीटर तक जलस्तर को सामान्य अथवा शून्य माना जाता है। जलस्तर शून्य पहुंचने पर भी झील में 24.5 मीटर पानी बना रहता है।

पांच वर्षो का जलस्तर और बारिश जनवरी से 14 सितंबर तक

वर्ष           झील का जलस्तर           बारिश

2021       12 फीट                       1773 मिमी

2020       11.25 फीट                  1567 मिमी

2019       8.9 फीट                     1330 मिमी

2018       11.8 फीट                   1856 मिमी

2017       9.5 फीट                     3084 मिमी 

Edited By: Skand Shukla