नैनीताल, मनीष साह : उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड में कार्यरत करीब चार हजार अकुशल श्रमिकों के लिए अक्टूबर का महीना राहत देने वाली खबर लेकर आया है। अब चाय बागान श्रमिकों को प्रतिदिन 230 रुपये की जगह न्यूनतम मजदूरी 316 रुपये मिलेगी। इसके लिए विभाग ने शासन से चार करोड़ का बजट मांग लिया है।

उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड की अनदेखी का ही परिणाम रहा कि श्रमिकों को पिछले तीन माह में करीब 6699 रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। चौंका देने वाले मामले का खुलासा श्रम प्रवर्तन अधिकारी की जांच में हुआ। बीते माह श्रम प्रवर्तन अधिकारी मीनाक्षी कांडपाल ने जब श्यामखेत (भवाली) स्थित चाय बागान का निरीक्षण कर श्रमिकों से बातचीत की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि श्रमिकों को वर्तमान में 5980 रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है। जबकि शासन ने मई में ही न्यूनतम मानदेय में वृद्धि कर 8213 रुपये कर दिया था। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग को नोटिस भी भेजा। हरकत में आए विभाग ने बोर्ड से प्रस्ताव पास करा अकुशल श्रमिकों को बढ़ा हुआ न्यूनतम मानदेय दिए जाने के लिए शासन से सहमति मांगी। जिस पर अब शासन ने भी स्वीकृति दे दी है। बढ़ा हुआ न्यूनतम मानदेय एक अक्टूबर से प्रभावी माना जाएगा।

लगातार हो रहा था नुकसान

अकुशल श्रमिकों के कार्य का महीना 26 दिन का माना जाता है। कर्मचारियों को 5980 रुपये की मानदेय दिया गया। जबकि मई माह में 8213 रुपये न्यूनतम मानदेय स्वीकृत कर दिया गया था। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी को 2233 रुपये प्रतिमाह नुकसान उठाना पड़ा। लगभग चार हजार श्रमिकों की बात करें तो 89.32 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है। तीन माह में यह आंकड़ा 2.67 करोड़ रुपया पार कर गया। 

शासन से मिली स्‍वीकृति 

अनिल खोलिया, वित्त अधिकारी, उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड ने बताया कि बोर्ड से प्रस्ताव पास होने के बाद अब शासन से भी स्वीकृति मिल चुकी है। करीब चार करोड़ का बजट भी मांग लिया गया है। अकुशल श्रमिकों को अब बढ़ा हुआ न्यूनतम मानदेय मिल जाएगा।

Posted By: Skand Shukla

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