मुनस्यारी, जेएनएन : 22 दिन पहले बादल फटने से प्रभावित धापा गांव के ग्रामीणों का हालचाल लेने के लिए दर्जा राज्यमंत्री तक गांव में नहीं पहुंचे। इस बात को लेकर ग्रामीणों में रोष है । बुधवार को ग्रामीणों ने राज्यमंत्री का पुतला फूंककर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

दर्जा राज्यमंत्री शमशेर सत्याल को सरकार द्वारा आठ अगस्त तक आपदा प्रभावित क्षेत्र में खोज, बचाव एवं राहत कार्य का दायित्व सौंपा गया है। बुधवार को दर्जा राज्यमंत्री शमशेर सिंह सत्याल ने मुनस्यारी सहित आसपास के आपदाग्रस्त गांवों का दौरा किया। इस दौरान आपदा प्रभावितों को राहत सामग्री और राहत राशि भी प्रदान की गई। राज्यमंत्री मुनस्यारी से धापा गांव को रवाना हुए परंतु धापा से दो किमी पूर्व सैनर तक जाकर वापस लौट गए। दर्जा राज्यमंत्री के सैनर से वापस लौटने की सूचना मिलते ही धापा के ग्रामीण उत्त्तेजित हो गए। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान इंद्रा देवी के नेतृत्व में धापा प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में दर्जा राज्यमंत्री शमशेर सिंह सत्याल का पुतला फूंका।

प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि मुनस्यारी तहसील के अंतर्गत धापा सर्वाधिक आपदा प्रभावित गांव है। गांव में 52 परिवार खतरे के बीच हैं। एक दर्जन परिवार गांव से लगे जंगल में टेंट लगाकर रह रहे हैं। 22 दिन बीतने के बाद भी बीआरओ द्वारा सड़क नहीं खोली गई है। सरकार के प्रतिनिधि गांव तक आने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं। इस मौके पर गांव के सभी 52 परिवारों के पुनर्वास की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में उप प्रधान मीनाक्षी देवी, पूर्व प्रधान मुन्ना ढोक्ती, करण सिंह, हरीश सिंह, मनोज सिंह, विनोद सिंह, गंगा सिंह, पान सिंह ,हिम्मत सिंह आदि थे।

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