विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Uttarakhand Weather: आसमान से बरसी राहत, नैनीताल में बारिश; मलबा आने से बुडाखेत-सिप्टी-चंपावत मार्ग बंद

Published: Sun, 31 May 2026 07:20 AM (IST)

हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में शनिवार शाम तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। मई की शुरूआत झमाझम वर्षा से हुई और अब विदाई पर भी मौसम मेहरबान दिखा है। हल्द्वानी सहित आसपास क्षेत्र में शनिवार शाम मूसलधार वर्षा और ओलावृष्टि होने से भीषण गर्मी का प्रकोप कम हुआ है।

आसमान से राहत बरसने के साथ ही मैदानी इलाकों में अंधड़ का प्रकोप रहा, जिस कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई है। हल्द्वानी शहर से लेकर गांव तक कई स्थानों पर बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से देर रात तक सप्लाई ठप रही। ऐसे में 1.50 लाख से अधिक आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं रविवार को भी उत्तराखंड की अधिकतर इलाकों में मौसम खराब बना रहा। कहीं बादल छाए रहे तो कहीं बारिश हुई। हल्द्वानी में रात को बारिश हुई और शनिवार सुबह बादल छाए रहे। पिथौरागढ़ में शनिवार रात में भारी वर्षा हुई। रविवार सुबह रिमझिम बारिश हुई। नैनीताल और बागेश्वर में रविवार को भी बारिश हुई। 

बुडाखेत सिप्टी चंपावत मार्ग बंद

चंपावत में सुबह चार बजे से बारिश हो रही है। मलबा आने के कारण बुडाखेत सिप्टी चंपावत मार्ग बंद हो गया है। मैदानी क्षेत्र टनकपुर व बनबसा में भी रिमझिम बारिश हो रही है। 

गोमती में सिल्ट से पेयजल संकट गहराया

बागेश्वर: जिले में देर रात से लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर पड़ने लगा है। बारिश के चलते नदियों और गधेरों का जलस्तर बढ़ने के साथ गोमती नदी में सिल्ट आने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कई क्षेत्रों में लोगों को गंदा और मटमैला पानी मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

कपकोट सहित विभिन्न क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की गर्जना के साथ झमाझम बारिश हो रही है। मौसम के बदले मिजाज से लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि मौसम विभाग के आधार पर अगले तीन घंटे के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज बारिश और तूफान आने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

मूसलधार बारिश से अमोड़ी-छतकोट सड़क कई स्थानों पर बंद

चंपावत : लगातार हो रही मूसलधार बारिश के चलते अमोड़ी-छतकोट मोटर मार्ग पर कई स्थानों पर भारी मलबा और पत्थर आने से यातायात बाधित हो गया है। मार्ग के कई हिस्सों में सड़क बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासी दीपक नरियाल ने बताया कि सड़क कई जगहों पर पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी है, जिससे क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सड़क बंद होने के कारण कई वाहन भी मार्ग में फंसे हुए हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और आवश्यक सेवाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके।

मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया वर्षा और अंधड़ का अलर्ट

मौसम का मिजाज बदलने से शनिवार को गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को भी वर्षा और अंधड़ चलने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों के आरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि, मैदानी इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

कई स्थानों पर बिजली लाइन क्षतिग्रस्त

दरअसल, शनिवार को सुबह से शाम करीब चार बजे तक मैदानी क्षेत्रों मौसम साफ रहा। इसके बाद एकाएक आसमान पर घने बादलों ने डेरा जमा लिया। शाम करीब छह बजे तेज हवाएं चलने के बाद ऊर्जा निगम ने एहतियातन बिजली सप्लाई भी ठप कर दी।

वहीं, हवाओं का प्रवाह इतना तेज था कि बिजली लाइनों पर पेड़ गिर गए। साथ ही मूसलधार वर्षा होने से हल्द्वानी के मुख्य मार्गों के सहित आंतरिक सड़कों पर जलभराव की स्थितियां उत्पन्न हो गईं। ऐसे में लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इधर, ऊर्जा निगम के ईई प्रदीप कुमार ने बताया कि केडी चौराहा उपकेंद्र को कठघरिया बिजली घर से आने वाली मुख्य लाइन में टहनी गिर गई थी। ऐसे में केडी चौराहा और 13 बीघा केंद्र से जुड़े बाजार क्षेत्र, स्टेशन रोड, बनभूलपुरा सहित अन्य इलाके प्रभावित रहे।

गौलापार का दानी बंगर और कालीचौड़ फीडर भी लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से देर रात तक ठप रहा। वहीं, कमलुवागांजा उपकेंद्र के एसडीओ संजय चौहान ने बताया कि लामाचौड़ में बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। यहां खंभा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। साथ ही भरतपुर और फतेहपुर क्षेत्र में भी दिक्कत रही।

भारी बारिश से भूस्खलन, किसान की 11 बकरियां मलबे में दबीं

गरुड़: बागेश्वर जिले में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण गरुड़ तहसील के सुराग गांव में भूस्खलन ने एक किसान परिवार को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। गांव की निवासी जानकी देवी, पत्नी दिलीप सिंह की 11 बकरियां मलबे में दब गईं, जिनमें से केवल एक बकरी का शव बरामद किया गया है, जबकि 10 बकरियां अब भी लापता हैं।

जानकारी के अनुसार, जानकी देवी की बकरियां जंगल से घर लौट रही थीं। इसी दौरान पहाड़ी से अचानक मलबा और पत्थर गिरने लगे, जिससे बकरियां मलबे की चपेट में आ गईं। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और बकरियों की तलाश शुरू की, लेकिन लगातार बारिश और मलबे के कारण राहत कार्य में कठिनाइयां आईं।

देर शाम तक केवल एक बकरी का शव ही मिल पाया। घटना की सूचना राजस्व उपनिरीक्षक को दी गई है और प्रशासन से प्रभावित परिवार को राहत दिलाने की मांग की गई है। भाजपा मंडल अध्यक्ष डीके जोशी ने बताया कि बारिश के कारण क्षेत्र की कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजे और सुरक्षा उपायों की मांग की है। क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में बदला मौसम: देहरादून में बारिश का 86 साल का नया रिकार्ड बना, आज ओलावृष्टि की चेतावनी

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में जेठ में पहाड़ों पर गुलाबी ठंड, मैदानी क्षेत्रों में मौसम हुआ सुहाना