यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Traffic System: दिल्ली की तरह होगी उत्तराखंड के तीन शहरों की यातायात व्यवस्था, Google संभालेगा ट्रैफिक
Uttarakhand Traffic System दिल्ली की तर्ज पर अब देहरादून हल्द्वानी व हरिद्वार में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से यातायात व्यवस्था ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। दिल्ली की तर्ज पर अब देहरादून, हल्द्वानी व हरिद्वार में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से यातायात व्यवस्था कंट्रोल करने की तैयारी है। जीपीएस पर्यटकों व वाहन चालकों को बताएगा कि आगे जाम है या सड़क सुचारू है। पुलिस इसके लिए गूगल से एमओयू करने जा रही है।
देहरादून, हल्द्वानी व हरिद्वार तीनों शहरों में जिस दिन जाम की स्थिति रहेगी या रूट डायवर्जन रहेगा, लोकल पुलिस इसकी सूचना यातायात मुख्यालय को देगी, जहां से सूचना गूगल को भेजकर जीपीएस में अपडेट कराया जाएगा। अभी तक यह व्यवस्था दिल्ली में है।
इन तीनों शहरों में रहता है वाहनों का दबाव
राजधानी समेत हल्द्वानी व हरिद्वार में वाहनों का सबसे अधिक दबाव रहता है। हरिद्वार में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हल्द्वानी व नैनीताल में श्रद्धालुओं के अलावा पर्यटकों की आवाजाही से सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
दिल्ली की तरह अपडेट होगी यातायात व्यवस्था
एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि दिल्ली की तर्ज पर जीपीएस में शहर की यातायात व्यवस्था को अपडेट करने की तैयारी की जा रही है। अगर शहर में जाम रहा तो सूचना यातायात मुख्यालय भेज दी जाएगी। मुख्यालय अपने स्तर से गूगल से एमओयू कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जाम की स्थिति होने पर जीपीएस पर्यटकों को बता देगा कि कौन का रूट जाम से मुक्त है। यह भी बताएगा कि किस रूट को डायवर्ट किया गया है। इस व्यवस्था से राज्य में लोगों को सड़क पर चलते समय किसी तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
रूट के बारे में जान सकेंगे
हर कोई जीपीएस का प्रयोग करने लगा है। मानिए अगर हल्द्वानी से कोई वाहन से नैनीताल जा रहा है और नैनीताल रोड पर जाम की स्थिति है। ऐसे में पुलिस यातायात मुख्यालय को जानकारी देगी। इस रूट को जीपीएस में अपडेट कर जाम दिखाया जाएगा, ताकि वाहन चालक दूसरा रूट पकड़ सके, जो बिल्कुल साफ होगा।
पुलिस को मिलेगी मदद
हल्द्वानी में सड़कें छोटी हैं। इस कारण जाम अधिक रहता है। पर्यटन सीजन में स्थिति बेकाबू हो जाती है। पुलिस, सिटी पेट्रोलिंग यूनिट व यातायात पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। जीपीएस से यातायात चलेगा तो हर किसी को मदद मिलेगी। पुलिस का बोझ भी कम होगा।
डीजीपी ने कही ये बात
जीपीएस से तीन शहरों की यातायात व्यवस्था सुधारने की तैयारी है। यातायात पुलिस काम कर रही है। इस पर्यटन सीजन तक जीपीएस में तीनों शहर में पल-पल की अपडेट मिलने की उम्मीद है। - अशोक कुमार, डीजीपी
