नैनीताल, जेएनएन: जम्मू-कश्मीर में अपने शौर्य से आतंकियों के मंसूबे को नाकाम करने वाले सुरक्षाबलों को स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। इस बार चार रक्षा कर्मियों को शौर्य चक्र प्रदान किए गए हैं। इसमें अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत भी शामिल हैं।

सेना के प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि रावत जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर (एलओसी) घुसपैठ और आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए तैनात एक टीम का नेतृत्व कर रहे थे। उसी दौरान खुफिया सूचना मिली थी कि आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ या हमला करने की कोशिश की जा सकती है। रावत ने अपनी टीम का नेतृत्व किया और इसे घुसपैठ के संभावित मार्गों पर तैनात किया। खराब मौसम में करीब 36 घंटे के बाद उनकी टीम ने आतंकवादियों को देखा। इसके बाद हुई भारी गोलीबारी के दौरान वह अपनी टीम के सदस्यों को निर्देश देते रहे और जिसके परिणाम स्वरूप दो आतंकवादी मारे गए।

इसके बाद उन्होंने शेष आतंकवादियों के स्थान की पहचान की और उस आधार पर की गई कार्रवाई में दो और आतंकवादी मारे गए जबकि तीसरा आतंकवादी घायल हो गया। प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि पूरे ऑपरेशन के दौरान दृढ़ और अनुकरणीय नेतृत्व के लिए लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्ण सिंह रावत को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाता है। उनकी बहादुरी के लिए मिले सम्मान से परिवार में खुशी का माहौल है। 

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