उत्तराखंड में मानसून की विदाई से पहले ही भारी बारिश, सामान्य से तीन गुना ज्यादा बरसे मेघ
उत्तराखंड में सितंबर की शुरुआत में ही मानसून सामान्य से तीन गुना अधिक बरसा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

प्रदेश में सितंबर अंतिम सप्ताह में मानी जाती है वर्षा काल की विदाई. File Photo

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । उत्तराखंड से मानसून सामान्य रूप से सितंबर के अंतिम सप्ताह में विदा हो जाता है। विदाई का माह प्रारंभ हो चुका है और इस बेला के आरंभ में ही मेघ जमकर बरस रहे हैं। शुरुआती दो दिन में सामान्य से तीन गुना तक वर्षा हो चुकी है। ऐसे में पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश के साथ ही आफत बरसने से जनजीवन भी प्रभावित हो गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सितंबर के शुरुआती दो दिनों में प्रदेश में 19.6 एमएम सामान्य वर्षा का अनुमान रहता है। लेकिन, मौसम का मिजाज अचानक बदलने के कारण 55.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। जिसमें बागेश्वर जिले में 12.2 एमएम के सापेक्ष 79.2 एमएम मेघ बरसे हैं। जो सामान्य की तुलना में छह गुना तक अधिक है।
वहीं, अल्मोड़ा जिले में 12.2 एमएम की तुलना में 57.3 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जो पांच गुना तक अधिक है। सबसे कम वर्षा वाले जिले की बात करें तो हरिद्वार में सबसे कम आठ प्रतिशत अधिक बदरा बरसे हैं। इधर, आगामी दिनों में राहत मिलने की संभावना फिलहाल नहीं है। ऐसे में लोगों को मौसम की मार झेलनी पड़ेगी।
यह भी पढ़ें- मानसून में जरा-सी फिसलन दे सकती है जिंदगी भर का दर्द, वर्कआउट करने वाले जरूर रखें इन बातों का ध्यान
- जिला - वास्तविक वर्षा - सामान्य वर्षा
- अल्मोड़ा - 57.3 - 12.2
- बागेश्वर - 79.2 - 12.2
- चमोली - 26.1 - 11.2
- चंपावत - 92.9 - 20.5
- देहरादून - 73 - 24.5
- पौड़ी गढ़वाल - 31.6 - 22.3
- टिहरी गढ़वाल - 45.7 - 15.2
- हरिद्वार - 23.7 - 21.9
- नैनीताल - 142.4 - 32.5
- पिथौरागढ़ - 58.9 - 24.5
- रुद्रप्रयाग - 57.9 - 23.9
- ऊधमसिंह नगर - 56.5 - 16.1
- उत्तरकाशी - 35.3 - 17.9
