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मदरसों में धार्मिक शिक्षा को लेकर कोई एतराज नहीं, एक हाथ में कुरान तो दूसरे में होगा कंप्यूटर: डा. सुरजीत सिंह गांधी

By Chayan Singh RajpootEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 24 Oct 2026 01:11 PM (IST)Updated: Sat, 24 Oct 2026 01:30 PM (IST)

उत्तराखंड के मदरसों में अब धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जाएगी। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. ...और पढ़ें

HighLights

  1. मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा

  2. छात्रों के एक हाथ में कुरान, दूसरे में कंप्यूटर होगा

  3. मानक पूरे न करने वाले मदरसों को बंद किया जाएगा

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। प्रदेश के मदरसों को अब धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि मदरसे में पढ़ने वाले छात्रों को धार्मिक शिक्षा से कोई मनाही नहीं है।

उनके एक हाथ में कुरान तो दूसरे हाथ में कंप्यूटर होगा। इसी विजन के तहत ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के मदरसों को नवंबर तक मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने मुस्लिम धर्म गुरुओं व मदरसों के प्रबंधकों के साथ बैठक ली। पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि सभी बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जाए। धार्मिक शिक्षा से किसी को ऐतराज नहीं है, लेकिन उसके साथ आधुनिक शिक्षा भी जरूरी है।

उन्होंने दो टूक कहा कि जो मदरसे शासन की ओर से तय मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें बंद किया जाएगा। जो मदरसे सील हुए हैं, उनकी रिपोर्ट आ चुकी है। उन पर हाईकोर्ट के आदेश और स्थानीय प्रशासन के निर्णय के अनुसार कार्रवाई होगी।