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विदाई की बेला पर देवभूमि में बरसा मानसून, ठंड का एहसास... बागेश्वर में बंद हुआ हाईवे

Published: Sun, 27 Sep 2026 01:08 PM (IST)

हल्द्वानी में मानसून की विदाई के साथ भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई है। इस बेमौसम बारिश ने तराई-भाबर क्षेत्र में ठंड का एहसास करा दिया है।

HighLights

  1. हल्द्वानी में मानसून की विदाई पर हुई भारी बारिश

  2. तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई

  3. तराई-भाबर क्षेत्र में अचानक ठंड का एहसास होने लगा

जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। मानसून विदाई की ओर से बढ़ चला है। ऐसे में पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदल गया। शुक्रवार देर रात से भारी वर्षा का क्रम प्रारंभ हुआ, जो रविवार तक तक जारी रहा। बगैर रुके मूसलधार बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने से तराई-भाबर क्षेत्र में अचानक ठंड महसूस की जाने लगी है। पर्वतीय इलाकों में भी पारा लुढ़का है।

हल्द्वानी सहित आसपास इलाके में भारी बारिश होने के बीच शनिवार को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में सिर्फ 1.2 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 117.6 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।

इधर, पिछले वर्षों की बात करें तो सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से 32 डिग्री सेल्सियस रहता था। इस वर्ष बहते दिनों गुरुवार तक जहां गर्मी महसूस की जा रही थी, लेकिन अचानक मौसम के करवट लेने से लोगों ने राहत महसूस की है। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में ठंड का क्रम इसी प्रकार रहने की संभावना जताई जा रही है।

फिर बंद हुआ एनएच, रवांईखाल में वाहनों की लंबी कतार

बागेश्वर : बारिश के चलते एनएच गरुड़-बागेश्वर पर रवांईखाल के निकट रात में मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। मार्ग बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।

मार्ग को खोलने के लिए मौके पर लोडर मशीनें तैनात की गई हैं और विभागीय टीम मलबा हटाने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, मलबा हटाने और सड़क को यातायात के लिए सुचारु करने में लगभग सात से आठ घंटे लग सकते हैं। इसके बाद ही वाहनों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद है।

स्थानीय निवासी विपिन जोशी ने बताया कि सड़क में लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने सुरक्षा दीवार और अन्य पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है। वहीं, जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि बीआरओ को जिला प्रशासन की ओर से सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क को जल्द से जल्द खोला जा सके और मरम्मत का कार्य भी किया जा सके।