जागरण संवाददाता, हल्द्वानी/लालकुआं : पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा ने राजनीति के लिए सेना के शौर्य को ही बांट दिया। हम सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर पिछले आठ साल में सैनिक बलों की तरफ से हुए आपरेशन को सैल्यूट करते हैं, लेकिन केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार कभी 1971 के पराक्रम को याद नहीं करती। 

एआइसीसी की तरफ से तैयार बुकलेट 'शौर्य के नाम पर वोट', सेना के हितों पर वोट' को स्वराज आश्रम में लांच करते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा यह जताने की कोशिश करती है कि पाक पर चोट सिर्फ मोदी के आने पर हुई। ऐसा कहकर वह उन जवानों का अपमान करते हैं जो आजादी के बाद से हुई हर जंग में दुश्मनों से पूरी ताकत से लड़े थे। उत्तराखंड वीरों की भूमि है। यहां के बेटों ने हर बार देश की खातिर अपने प्राणों का बलिदान दिया।

इधर, लालकुआं में नामांकन के बाद मीडिया से रूबरू हरीश रावत ने कहा कि वह लालकुआं के लोगों के दिल में है। इसलिए वह इस क्षेत्र से चुनाव लडऩे आए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ नफरत की राजनीति करती है। उन्होंने फिर पारंपरिक उत्पादों को लेकर अपनी बात रखी और कहा कि इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएंगे। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के विजन पर भी बात की। संध्या को पहले टिकट मिलने और फिर टिकट करने को लेकर हरदा का कहना था कि वह न टिकट देने वाले हैं और न काटने वाले हैं। पार्टी नेतृत्व का निर्णय था। इस निर्णय को सभी को मानना होगा।  

Edited By: Prashant Mishra