जागरण संवाददाता, नैनीताल : उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में चेयरमैन व सचिव के बीच जंग अब हाई कोर्ट पहुंच गई है। बोर्ड के चेयरमैन शमशेर सिंह सत्याल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सचिव पर वित्तीय व अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। कोर्ट ने बोर्ड की सचिव मधु नेगी चौहान को नोटिस जारी करने के साथ ही सरकार व अन्य पक्षकारों को 27 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 27 सितंबर को ही होगी।

गुरुवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल की याचिका पर सुनवाई हुई। जिसमें कहा गया है कि बोर्ड की सचिव मधु नेगी चौहान को हटाने के बावजूद वह पद पर बनी हुई हैं। बोर्ड सचिव द्वारा अनेक वित्तीय फैसले खुद लिये जा रहे हैं। वह लिमिट से अधिक धनराशि के चेक काट रही हैं। उन्होंने बोर्ड के जरूरी कागजात व वाहन अपने पास रख लिए है। जिस कारण बोर्ड में श्रमिकों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य लटक गए है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि बोर्ड ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि बोर्ड के सचिव पद पर आईएएस या वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी नियुक्त किया जाय। याचिका में प्रदेश सरकार, श्रम सचिव, श्रमायुक्त, बोर्ड सचिव मधु नेगी को पक्षकार बनाया गया है। कर्मकार बोर्ड में गड़बड़ी से संबंधित एक और याचिका हाई कोर्ट में विचाराधीन है। इस याचिका में खुद को पक्षकार बनाने की मांग करते हुए बोर्ड चेयरमैन ने प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। अब बोर्ड चेयरमैन ने सचिव के खिलाफ अलग से याचिका दायर कर दी है।

 

Edited By: Skand Shukla