रामनगर, जागरण संवाददाता : उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा यूटीईटी का आयोजन शुक्रवार को 29 शहरों में होगा। परीक्षा के लिए 178 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षार्थी व कक्ष निरीक्षक मोबाइल व कोई भी इलेक्ट्रिानिक डिवाइस नहीं ले जा सकेंगे। कोविड के दिशा-निर्देशों के तहत परीक्षा कराई जाएंगी।

प्राथमिक व जूनियर शिक्षक बनने के लिए यूटीईटी प्रथम व द्वितीय उत्तीर्ण का प्रमाणपत्र अनिवार्य है। यूटीईटी का आयोजन कराने की जिम्मेदारी हर साल उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद पर रहती है। शुक्रवार 26 नवंबर को दो पाली में होने वाली परीक्षा के लिए आवेदन ऑनलाइन भरने की तिथि एक सितंबर से 30 सितंबर तक निर्धारित की गई थी। इस बार यूटीईटी प्रथम में 44973 व द्वितीय में 39874 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी परीक्षा के मुख्य नियंत्रक बनाए गए हैं।

परीक्षा की निगरानी के लिए 29 शहरों में एक-एक नोडल अधिकारी के साथ ही पर्यवेक्षक भी तैनात रहेंगे। रामनगर में जीआईसी खताड़ी, महात्मा गांधी इंटर कालेज व नैनीताल में जीआईसी नोडल केंद्र हैं। परीक्षार्थी मास्क पहनने के साथ ही सेनेटाइजर भी अपने साथ लाएंगे। परिषद की सचिव नीता तिवारी ने बताया कि नकल की सामग्री रोकने के लिए परीक्षार्थियों की चेकिंग होगी। फोटो मिलान कर आईडी देखने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।

नोडल केंद्र में ले सकते हैं प्रवेशपत्र

परिषद के उपसचिव सीपी रतूड़ी ने बताया कि टीईटी के आवेदन ऑनलाइन अपलोड कर दिए गए हैं। उन्‍हें आसानी से अपलोड किया जा सकता है। लेकिन किसी के प्रवेश पत्र यदि डाउनलोड नहीं हो रहे हैं तो ऐसे परीक्षार्थी अपने शहर के नोडल केंद्र पर जाकर प्रवेश पत्र डाउनलोड करा सकते हैं।

Edited By: Skand Shukla