जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : Haldwani news : 50 वर्षीय मजदूर की मौत के बाद उसके स्वजनों का पता नहीं चल सका तो पुलिस ने समाजसेवियों की मदद से शव की अंत्येष्टि की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन राजपुरा स्थित मुक्तिधाम में हंगामा खड़ा हो गया।

सिटी मजिस्ट्रेट से संपर्क साधने के बाद हुई अंत्येष्टि

मामला कोरोना संक्रमण से जुड़ा होने के कारण वहां मौजूद कर्मचारियों ने अंत्येष्टि करने से साफ मना कर दिया। इस बीच शव लेकर आने वाली एंबुलेंस भी लौट गई, जिसके बाद समाजसेवी हेमंत गौनिया अपने साथियों के साथ शव को लेकर गौला रोखड़ स्थित अस्थायी श्मशान घाट पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट से संपर्क साधने के बाद यहां श्रमिक का अंतिम संस्कार हो सका।

कोरोना संक्रमित था मजदूर

समाजसेवी हेमंत गौनिया ने बताया कि हाल निवासी बेरीपड़ाव व मूल निवासी झारखंड 50 वर्षीय श्रमिक की गुरुवार को एसटीएच में मौत हो गई थी। पुलिस ने उसके अंतिम संस्कार को संपर्क साधा तो उन्होंने शव को मुक्तिधाम लाने के लिए कह दिया। शुक्रवार दोपहर दो बजे करीब एंबुलेंस से शव यहां पहुंची तो पता चला कि मृतक कोरोना संक्रमित भी था।

विरोध पर गौला रोखड़ ले गए शव

मृतक के कोरोना संक्रमित होने का पता चलने पर कर्मचारियों ने राजपुरा मुक्तिधाम में अंत्येष्टि करने से साफ मना कर दिया। विरोध में कुछ लोग भी जुट गए। जिसके बाद किराये का वाहन मंगाकर मजदूर के शव को गौला रोखड़ लाया गया।

कई समाजसेवियों ने की मदद

सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों से वार्ता कर अंतिम संस्कार के लिए कहा गया। जिसके बाद गौनिया, प्रदीप तिवारी, नंदन सिजवाली और अतुल बिष्ट की मदद से अंत्येष्टि की गई। लकड़ी की व्यवस्था मुक्तिधाम समिति ने की थी।

Edited By: Rajesh Verma