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कैंची धाम में आस्था का महासागर: गेट से हाईवे तक खचाखच भीड़, अब तक 28 हजार भक्तों ने टेका मत्था

By Manish ShahEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 03 Oct 2026 11:55 AM (IST)

कैंची धाम में सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे व्यवस्थाएं चरमरा गईं।

HighLights

  1. कैंची धाम में सुबह से लाखों श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी

  2. मंदिर प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों को भीड़ संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी

  3. सुबह 11 बजे तक 28 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा के दर्शन किए

संवाद सूत्र, गरमपानी। देश विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र सुप्रसिद्ध कैंची धाम में सुबह से उमड़ी भीड़ से हालात बिगड़ गया। मंदिर के मुख्य गेट से हाईवे के दोनों ओर हजारों बाबा भक्तों की भीड़ से मंदिर प्रबंधन भी सख्ते में आ गया।

मंदिर प्रबंधन सदस्यों व निजी कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने बामुश्किल श्रद्धालुओं को आश्रम में आवाजाही करवाई। आस्था के सैलाब ने पूर्व में मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर डाला। पहली बार सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने से व्यवस्थाएं भी धराशायी हुई। सुबह 11 बजे तक करीब सत्ताईस हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर मत्था टेका।

हजारों श्रद्धालु पहुंचे

शनिवार को कैंची धाम स्थित बाबा नींब करौरी आश्रम के मुख्य गेट गेट तथा बाजार क्षेत्र में हजारों श्रद्धालु पहुंच गए। सुबह लगभग साढ़े छह बजे के आसपास महाआरती के बाद मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं ने बाबा के जयकारों के साथ आश्रम में प्रवेश किया।

इसी बीच श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती चली गई। मंदिर के मुख्य गेट से हाईवे तक हजारों भक्तों की कतार लग गई। हजारों भक्तों की पहुंचने से मंदिर प्रबंधन व सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एसआइएस कर्मियों के भी पसीने छूट गए। श्रद्धालुओं की भीड़ से हाईवे पर जहां तहां वाहन भी फंस गए।

आवाजाही को रत्ती भर जगह न होने से कई बार व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह के समय पहली बार हजारों भक्तों के पहुंचने से कई बार अफरातफरी जैसी व्यवस्था भी पैदा हो गई। गनीमत रही की मंदिर प्रबंधन व व्यवस्थाओं में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बामुश्किल व्यवस्था संभाली।

11बजे तक 28 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर माथा ठेका। पुलिस तथा प्रशासन की ओर से कोई भी ठोस व्यवस्था न बनाए जाने पर श्रद्धालुओं ने गहरी नाराजगी जताई। विभिन्न संगठन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि जब प्रत्येक वीकेंड पर हालत बिगड़ रहे हैं तो पूर्व से ही व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किए जाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जानी चाहिए।