पूर्णिमा की रात से कम हंसी न होगा आज का आधा चांद, दूरबीन से दिखेंगे चंद्रमा के गड्ढे-पहाड़ और पर्वतमालाएं
आज रात अर्धचंद्रमा का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा, जिसमें दूरबीन से चंद्रमा के गड्ढे, पहाड़ और पर्वतमालाएं स्पष्ट रूप से देखी जा सकेंगी।

फोटो: चिराग़ गोहिल।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
रमेश चंद्रा, नैनीताल। भले ही पूर्णिमा के अद्भुत नजारे की रात नौ दिन बाद 26 अक्टूबर को आएगी, लेकिन आज की रात भी कुछ खास कम रहने वाली है। आज रात अर्धचन्द्रमा के नजारे के बीच चांद की गगनचुम्बी पहाड़ियाँ और गड्ढे देखने का सुनहरा मौका होगा। चंद्रमा का आधा हिस्सा अंधेरे में डूबा होगा तो आधा हिस्सा सूर्य की सुनहरी किरणों से नहाया हुआ खूबसूरत नजर आएगा।
आज दिन में अपरान्ह एक बजे उदय हुआ चंद्रमा
चन्द्रमा इन दिनों दिन में उदय हो रहा है। आज रविवार को ठीक बजे उदय हो गया था और आधी रात तक बखूबी देखा जा सकता है। चांद आधा ही खिला हुआ होगा और आधा अंधेरे में डूबा हुआ होगा। चंद्रमा का यह अद्भुत दृश्य है और खगोल प्रेमियों के लिए बहुत खास हो जाता है। एस्ट्रो फोटोग्राफरों के लिए तो और भी खास हो हो जाता है, जब वह चंद्रमा को दिन और रात को अपने कैमरे में कैद कर सकेंगे।
एक छोटी दूरबीन सी दूरबीन बनाएगी इस नजारे को खास
आधे चंद्रमा के बीच छिपे दृश्यों को देखने के लिए यह मौका खास होगा। चन्द्रमा की धरती काक मायनों में पृथ्वी जैसी है और हमारे तरह पिंडों की मार से बने गड्ढे और ऊंचे पहाड़ देखे जा सकते हैं। जिन्हें देखने के लिए एक छोटी सी दूरबीन की जरूरत होगी , जो चन्द्रमा के गड्ढों और पहाड़ों का बखूबी दीदार करेगी।
चांद पर देखे जा सकेंगे यह पर्वतमाला और चट्टानें
चन्द्रमा की सतह पर आज रात अर्धचन्द्रमा के के बीच कई पर्वत श्रंखलाएं दूरबीन के जरिए देखी जा सकेंगी। जिनमें आल्प्स पर्वतमाला को देखा जा सकेगा और इस क्षेत्र में पहाड़ों के बीच स्थित आल्प्स घाटी का नजारा भी दिलचस्प होगा । साथ ही सतह पर थियोफिलस क्रेटर यानी गड्ढा नजर आएगा। इनके अलावा चंद्रमा की सतह पर एक लंबी, ढलानदार चट्टानी दीवार भी नजर आएगी।
क्या कहते है एरीज के विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पांडेय कहते हैं कि इसमें दोराय नहीं कि खगोलीय घटनाएं दिलचस्प होती हैं और आज की शाम तो बेहद रोमांचक होने जा रही है।
सांझ ढलते ही चंद्रमा ऊंचे आसमान में नजर आने लगेगा, जो आधा नजर आएगा और आधा हिस्सा अंधेरे में होगा। रात 9.43 बजे चंद्रमा का ठीक आधा हिस्सा उजाले में और आधा हिस्सा अंधेरे में डूबा होगा। इस बीच दूरबीन से अंधकार में डूबे चंद्रमा के अंदरूनी हिस्से को बखूबी देखने को मिलेगा। विज्ञानी दृष्टि से यह सामान्य खगोलीय घटना होगी, जबकि खगोल प्रेमियों के लिए खास होगी।
