रुद्रपुर, जेएनएन : ट्रांजिट कैंप से रविवार को अपहृत बच्चे शिवा की तलाश में जुटी पुलिस को दोहरी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ढाई साल पूर्व अपहृत हुए शिवम को भी बरेली से बरामद कर सकुशल परिजनों से मिला दिया। अपने बेटे को जरिया बनाकर दोनों बच्चों को अपहृत कराने  वाली महिला गीता सहित दो बिचौलियों व खरीदार को पुलिस ने जेल भेज दिया।

रविवार शाम को ट्रांजिट कैंप निवासी राकेश मौर्य का तीन साल का पुत्र शिवा दुर्गा पार्क में खेल रहा था। इसी बीच उसे अगवा कर लिया गया। पता चलते ही पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी। एसएसपी बङ्क्षरदरजीत ङ्क्षसह ने बताया कि बच्चे की तलाश में पुलिस ने आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में शिवा 9-10 साल के दो बच्चों के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। फुटेज में कैद एक बच्चा स्कूल की ड्रेस में था। इस पर ट्रांजिट कैंप के थानाध्यक्ष विद्यादत्त जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोमवार को स्कूल ड्रेस में मिले बच्चे की पहचान को कई स्कूलों की खाक छानी। पता चला कि जो बच्चा ड्रेस में है वह ड्रेस ट्रांजिट कैंप के ज्ञानोदय स्कूल की है। स्कूल में शिक्षकों को फुटेज दिखाई गई तो पुलिस उस बच्चे तक पहुंची और उससे पूछताछ की। बच्चे ने बताया कि उसने अपनी मां गीता के कहने पर पार्क में खेल रहे शिवा को बुलाया। उसके बाद मां उसे कहीं ले गई।

40 हजार में गीता ने शिवा का किया था सौदा

पुलिस ने मूलरूप से थाना शाही, बरेली और हाल निवासी आजादनगर, ट्रांजिट कैंप गीता पत्नी जागन लाल को उसके घर से हिरासत में लिया। गीता के साथ मौजूद श्मशानघाट रोड, ट्रांजिट कैंप निवासी संतोष पत्नी जगदीश को भी पकड़ लिया। दोनों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर अगवा शिवा को भी बरामद कर लिया। आरोपित गीता ने बताया कि उसने शिवा का सौदा संतोष से 40 हजार रुपये में किया था। पुलिस ने गीता के पास से सौदे के पांच हजार रुपये भी बरामद किए।

ढाई साल पहले ट्रांजिट कैंप से अपहृत शिवम को भी किया बरामद

पुलिस पूछताछ में आरोपित गीता ने स्वीकार किया कि सितंबर 2017 में भी उसने श्मशान घाट, ट्रांजिट कैंप निवासी तीन साल के शिवम को भी अपने पुत्र की मदद से अगवा किया था। इसके बाद शिवम को आजादनगर, ट्रांजिट कैंप निवासी मालदेई पत्नी ज्ञान प्रसाद के माध्यम से लांबाखेड़ा, थाना शाही, जिला बरेली निवासी छंगेलाल पुत्र भूपाल को बेच दिया था। इस पर पुलिस ने मालदेई के साथ ही बरेली में दबिश देकर छंगेलाल को भी गिरफ्तार कर लिया। वहां ढाई साल पूर्व अगवा हुए शिवम को भी बरामद कर लिया। शिवम को वहां अमन नाम दे दिया गया। इधर, ट्रांजिट कैंप निवासी चरन ङ्क्षसह और शकुंतला ढाई साल बाद अपने पुत्र शिवम को देख भावुक हो उठे और उनकी आंखों से आंसू छलक गए।  पुलिस ने गीता, संतोष, मालदेई और छंगेलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी जेल भेज दिया।

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Posted By: Skand Shukla

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