जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : निकाय चुनाव को लेकर सन्नाटा पसर जाने के बाद एक बार फिर हाई कोर्ट के आदेश से चुनावी सरगर्मी तेज हुई है। चुनाव की यह गर्माहट सबसे अधिक मेयर पद के लिए टिकट हासिल करने को लेकर है। इसमें सत्ताधारी भाजपा के साथ ही कांग्रेस भी शामिल है। दोनों के कुछ नेता दावेदारी का दावा करने लगे हैं। इसके लिए देहरादून से लेकर दिल्ली तक निगाहें टिकी हैं।

भारतीय जनता पार्टी में खुलकर किसी का नाम सामने नहीं आया है। अनुशासन का दावा करने वाली पार्टी अभी सत्ता में है। इसलिए इस पार्टी से नेताओं की टिकट पाने की छटपटाहट भी कुछ ज्यादा ही है। मेयर के टिकट के लिए जिन नेताओं के नाम पर चर्चा है, उसमें से निवर्तमान मेयर रहे डॉ. जोगेंद्र रौतेला भी शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश महामंत्री गजराज सिंह बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष रेनू अधिकारी व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भुवन भंडारी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शांति भट्ट का नाम की भी चर्चा में है। हर नेता के अपने-अपने दावे हैं। कोई यूथ में अपनी पकड़ मजबूत होने का दावा कर रहा है तो कुछ नेता महिलाओं व विशेष क्षेत्र में पकड़ होने की बात कर रहे हैं। इन दावों पर आलाकमान किस नेता के नाम पर मुहर लगाता है, फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस की उम्मीदें भी हिलोरें मार रही हैं। कुछ नेताओं की सक्रियता पहले ही बढ़ गई थी, जब निकाय का कार्यकाल खत्म हो गया था। एक बार फिर माहौल बनना शुरू हो गया है। कांग्रेस से दो बार कालाढूंगी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व दर्जा मंत्री महेश शर्मा का नाम सुर्खियों में है। शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में भाजपा की अच्छी पकड़ रही है, लेकिन महेश की शहर के अलावा इन क्षेत्रों में भी व्यक्तिगत रूप से अच्छी पैठ है। कांग्रेस को भी लगता है कि महेश दमदारी से चुनाव लड़ सकते हैं। इसी वजह से उनके लिए माहौल भी बनाया जाने लगा है। इसके लिए मंडी समिति के अध्यक्ष सुमित हृदयेश, पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगडवाल, कांग्रेस सचिव ललित जोशी, अब्दुल मतीन सिद्दीकी का नाम भी चर्चा में है।

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