संस, लालकुआं: वन विभाग के सुरक्षा बल ने गौला नदी के सद्भाव गेट से विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से बिना रॉयल्टी के उपखनिज की निकासी कर रहे डंपर को पकड़ने में सफलता हासिल की है। वाहन को सीज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

गुरुवार की दोपहर को वन सुरक्षा बल के प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी टीम के साथ बरेली रोड पर गस्त कर रहे थे। इस दौरान टीम ने गौला पुल के समीप डंपर संख्या यूके 04 सीबी-1399 जिसमें आरबीएम लदा था, को जाच हेतु रोकने का इशारा किया। मगर वन विभाग की टीम को देखते ही चालक वाहन को रोड के किनारे छोड़ फरार हो गया। वाहन की तलाशी करने पर आरबीएम सम्बंधी कोई प्रपत्र नहीं मिला। जिस पर वन विभाग ने वाहन के पंजीकरण नंबर से ऑनलाइन रवन्ना चैक किया। जिसमें सद्भाव गेट से जारी रॉयल्टी में आरबीएम का वजन 84 क्विंटल मापा गया था। जिसके बाद वन विभाग की टीम डंपर को सद्भाव गेट पर लाई और उसका वजन कराया। जहां पर वाहन में लदे आरबीएम का वजन 123 क्विंटल निकला। जिस पर वन सुरक्षा बल ने गेट पर तैनात कांटे की पर्ची पर वन विभाग व निगम के इंचार्ज के हस्ताक्षर कराकर वाहन को अपने कब्जे में लेकर प्राणी उद्यान परिसर में खड़ा कर दिया। टीम में वन दारोगा प्रेमराम, वन आरक्षी हरदीप नयाल, हिमाशु, ललित मोहन हर्बोला, नीरज रावत, भूपाल सिंह जीना, पान सिंह मेहता व चालक चंदन बेदी थे। सवालों के घेरे में विभागीय कर्मी

गौला पुल में वन सुरक्षा बल द्वारा पकड़े गए डंपर में विभागीय संलिप्तता भी नजर आ रही है। सद्भाव गेट से निकले वाहन का वजन ऑनलाइन 84 क्विंटल था। जबकि दोबारा उसी कांटे में वजन कराने पर 123 क्विंटल वजन पाया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि 123 क्विंटल वजन के वाहन का वन विभाग की ऑनलाइन साइट पर 84 क्विंटल वजन कैसे दर्ज हुआ। वहीं वन सुरक्षा बल प्रभारी चंदन सिंह अधिकारी का कहना है कि सभी तथ्यों की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है।

Posted By: Jagran

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