जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : नौनिहालों की थाली से अंडा-केला गायब करने के आरोप में तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने मामले में करीब तीन घंटे तक पूछताछ की और रजिस्टर का मिलान करने पर शिकायत सही पाई है। आंगनबाड़ी केंद्र प्रभारी कमला गोस्वामी नाेटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही तीन माह से धांधली की रिकवरी भी की जाएगी। जिसका लाभ उन्हीं वंचित बच्चों को दिया जाएगा।

कुपोषण के खिलाफ जंग में बाल पलास योजना के तहत बच्चों की थाली से बजट के अभाव में अंडे, केले दूध गायब हो गए थे। बजट मिलने पर अंडा केला फिर से वितरण शुरू कराया गया था। मानकों के अनुसार कोविड को देखते हुए एक माह में प्रत्येक बच्चे को एक बार आठ अंडे व आठ केले वितरण करने के निर्देश हैं। महीने के हर पांच तारीख को पोषाहार का वितरण किया जाता है। इसके अलावा किसी अन्य तारीख को तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को अंडे केले वितरण किया जाता है। रविंद्रनगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में कुल 33 बच्चे पंजीकृत हैं। सोमवार को यहा अंडा केला वितरण करने की सूचना मिली। जिसके बाद लोग वहां पहुंचने लगे। किसी व्यक्ति ने अंडा केला वितरण की वीडियो बनाकर सीडीपीओ व सुपरवाइजर से मानक के अनुरूप वितरण न होने की शिकायत कर दी।

सीडीपीओ आशा नेगी व सुपरवाइजर लीला परिहार व आशा जोशी ने मंगलवार को रविंद्रनगर पहुंचकर वितरण रजिस्टर का मिलान किया। इसके बाद पंजीकृत बच्चों के स्वजनों को बुलाया गया। पूछताछ के दौरान शिकायत सही मिली। बताया कि तीन माह से प्रत्येक माह दो-दो अंडे केले वितरण किए गए हैं। मामले में पुष्टि होने के बाद सीडीपीओ ने रिपोर्ट तैयार कर डीपीओ को भेज दिया है। साथ ही केंद्र संचालक कमला गोस्वामी से स्पष्टीकरण मांगा है। सीडीपीओ ने बताया कि शिकायत के बाद आरोपित केंद्र प्रभारी कमला ने पैसे गिरने की बात कही थी, यह भी छूठी साबित हुई। स्पष्टीकरण के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही तीन माह वितरण में गड़बड़ी की रिकवरी होगी। 

सीडीपीओ आशा नेगी ने बताया कि रविंद्रनगर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को प्रत्येक माह आठ अंडे व आठ केले वितरण नहीं करना पाया गया है। तीन माह तक ये अनियमितता हुई है। शिकायत के बाद तीन सदस्यीय कमेटी ने मामले की जांच की जिसमें शिकायत सही पाई गई है। केंद्र संचालिका कमला गोस्वामी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद वेतन काटने की संस्तुति की जाएगी। साथ ही रिकवरी कर लाभ से वंचित बच्चों को तीन माह की भरपाई कराई जाएगी।

Edited By: Prashant Mishra