जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़: सीमांत जिले मेें दूसरे दिन भी बारिश का क्रम जारी रहा। धारचूला तहसील में सबसे अधिक बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले फिर उफान पर आ गए हैं। जिले की प्रमुख नदियों का जल स्तर चेतावनी लेवल के आस-पास तक पहुंच रहा है। तल्ला जोहार की अधिकांश सड़कें बंद हैं। चीन सीमा को जोडऩे वाले मार्ग अभी तक नहीं खुल सके हैं।

बुधवार की रात जिले भर में बारिश हुई। धारचूला में सर्वाधिक 43.8 मिमी. बारिश हुई। भारी बारिश से काली और धौली नदी का जल स्तर फिर बढ़ गया है। मंगलवार की सुबह लगभग 30 घंटे बाद वनिक के पास मार्ग खुलने से मुनस्यारी तक वाहनों का आवागमन शुरू  हो गया है। मार्ग खुल जाने से लोगों को राहत मिली है।  

तल्ला जोहार की नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-मल्ला भैंस्कोट, हुपुली- सुंदरीनाग, बासंबगड़-कोटा पंद्रहपाला, बांसबगड़-राया बजेता, बांसबगड़- धामी गांव, तेजम- होकरा मार्ग बुधवार को भी बंद रहे। मार्ग बंद होने से नाचनी बाजार में सुनसानी छायी रही। धारचूला तहसील क्षेत्र में चीन सीमा को जोडऩे वाले मार्ग बंद हैं। बीआरओ लिपुलेख मार्ग खोलने में जुटा है। जिले में 16 से अधिक मार्ग अभी भी बंद हैं। परेशान ग्रामीणों ने बंद पड़ी सड़कों को शीघ्र खोले जाने की मांग की है।

12 दिन से बंद मंसूरीकाठा-होकरा सड़क 

मुनस्यारी: विकास खंड की मंसूरीकाठा- होकरा सड़क पिछले 12 दिनों से बंद पड़ी है। सड़क बंद होने से होकरा, खोयम, गौला, नामिक गांवों के ग्रामीण परेशान हैं। नंदाष्टमी पर्व अब नजदीक है। सड़क नहीं खुली तो ग्रामीण पूजा पाठ के लिए अपने घर नहीं जा सकेंगे। युवक मंगल दल होकरा ने शीघ्र मार्ग नहीं खोले जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। मंसूरीकाठा  से एक किलोमीटर आगे करीब 15 मीटर सड़क पूरी तरह बह गई है। 

जिले में हुई वर्षा 

तहसील        वर्षा एमएम 

पिथौरागढ़       15.4

गंगोलीहाट       8.0

बेरीनाग          7.0

डीडीहाट          9.7 

मुनस्यारी       7.2

धारचूला    43.6 

Edited By: Prashant Mishra