नैनीताल, जेएनएन : करोड़ों रुपये के बाजपुर-सितारगंज हाइवे (एनएच-74) मुआवजा घोटाले NH-74 compensation scam की जांच कर रही एसआइटी की रिपोर्ट साक्ष्यों पर आधारित पाई गई है। जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव खुल्बे की कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए पाया कि मामले में आरोपित पूर्व एसएलओ समेत अन्य के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि दस अक्टूबर नियत कर दी। 

एनएच मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी अब तक पूर्व एसएलओ डीपी सिंह व 11 अन्य, जिनमें एसडीएम भगत सिंह फोनिया, पेशकार संजय चौहान, अनुसेवक राम समुज, संग्रह अमीन अनिल कुमार, तहसीलदार मदन मोहन पलडिय़ा, तहसीलदार रिटायर्ड भोलेलाल, पेशकार विकास कुमार, एसडीएम अनिल कुमार व नंदन सिंह नग्नयाल, तहसीलदार मोहन सिंह, पेशकार संतराम, चकबंदी अधिकारी अमर सिंह व गणेश, एडीएम तीरथपाल सिंह के अलावा काश्तकार चरन सिंह, बिचौलिये जीशान, ओमप्रकाश, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, विक्रमजीत सिंह, मनदीप सिंह, हरजिंदर सिंह, दिलबाग सिंह, हीरा लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम  के अलावा आइपीसी की धारा-167, 218, 219, 409, 420, 465, 466, 120बी के तहत चार्जशीट दायर की थी। पिछली बार आरोपितों के मामले में बहस हुई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एसआइटी के आरोपों को गलत करार दिया था। साथ ही कोर्ट ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर एनएचएआइ अफसरों को आरोपित बनाने व सम्मन जारी करने की प्रार्थना की थी। 

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