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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Student Union Election : हल्‍द्वानी के एमबीपीजी में बना इतिहास, पहली बार महिला प्रत्याशी के सिर सजा ताज

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sun, 25 Dec 2022 08:07 AM (IST)

Student Union Election टिकट न मिलने पर एबीवीपी से बगावत कर निर्दल मैदान में उतरी रश्मि लमगड़िया ने पहली बार ...और पढ़ें

Student Union Election : निर्दल मैदान में उतरी रश्मि लमगड़िया ने महिला अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया है।
Student Union Election : निर्दल मैदान में उतरी रश्मि लमगड़िया ने महिला अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया है।

स्कंद शुक्ल, हल्द्वानी : Student Union Election : कुमाऊं के सबसे बड़े छात्र संख्या वाले एमबीपीजी कालेज में इस बार इतिहास बना है।

टिकट न मिलने पर एबीवीपी से बगावत कर निर्दल मैदान में उतरी रश्मि लमगड़िया ने पहली बार कालेज में महिला अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले कोई भी छात्रा इस पद पर जीत हासिल नहीं कर सकी थी।

कालेज में छात्रसंघ चुनाव के इतिहास को देखें तो यहां 2006 से राष्ट्रीय दलों के आनुषांगिक संगठन खुलकर मैदान में आए। तब से अब तक 15 बार हुए छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी, एनएसयूआइ और निर्दल प्रत्याशियों ने बराबर बाजी मारी है।

पांच बार जहां एबीवीपी प्रत्याशी, पांच एनएसयूआइ और पांच बार ही निर्दल प्रत्याशी ने मैदान मारा है। मगर इस बार चुनाव अलग ही कारण से खास बन गया है। पहली बार किसी छात्रा को अध्यक्ष पद पर जीत मिली, वह भी निर्दल के रूप में।

एमबीपीजी कालेज में हुए चुनाव

  • वर्ष - अध्यक्ष - संगठन
  • 2006 भाष्कर पुरोहित निर्दलीय
  • 2007 मनीष पांडे एनएसयूआइ
  • 2008 महेन्द्र बिष्ट एनएसयूआइ
  • 2009 दीपक सनवाल एबीवीपी
  • 2010 नितिन बल्यूटिया एनएसयूआइ
  • 2011 बिरेन्द्र सिंह बिष्ट एबीवीपी
  • 2012 जगदीश बिष्ट एबीवीपी
  • 2013 लाल सिंह पवार एनएसयूआइ
  • 2014 संजय रावत निर्दलीय
  • 2015 देवेन्द्र नेगी एनएसयूआइ
  • 2016 नीरज मेहरा एबीवीपी
  • 2017 कुलदीप सिंह कुल्याल निर्दलीय
  • 2018 गौरव कोरंगा एबीवीपी
  • 2019 राहुल धामी निर्दलीय
  • 2022 रश्मि लमगड़िया निर्दलीय

जब बेटी खड़ी होती है जीत बड़ी होती है: रश्मि

एमबीपीजी कालेज छात्रसंघ की अध्यक्ष बनीं रश्मि लमगड़िया जीत से उत्साहित हैं। रश्मि ने खुद के साथ एमबीपीजी कालेज की भी गौरव गाथा लिख दी।

कीर्तिमान रचने वाली रश्मि ने खुद की जीत को संघर्ष, ईमानदारी, महिलाओं के सम्मान के साथ कार्यकर्ताओं की मेहनत की जीत बताया है। बोलीं, जब बेटी खड़ी होती है जीत बड़ी होती है। दैनिक जागरण की पड़ताल में पहली महिला छात्रसंघ अध्यक्ष की जीत के चार प्रमुख कारण सामने आए।

लगातार संवाद कायम रखा

अंतिम समय में टिकट कटने के बाद चुनाव में उतरी रश्मि के पास कम समय था। उन्होंने मतदाताओं व समर्थकों से लगातार संवाद बनाए रखा। व्यक्तिगत रूप से मिलती रहीं। झगड़ने के बजाय मुद्दों व अपनी भावी योजना को लोगों के समक्ष रखा।

सकारात्मक बनी रहीं

रश्मि एबीवीपी से अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार थीं। संगठन ने उन्हें टिकट न देकर नामांकन से दो दिन पहले रात्रि 11:30 बजे कौशल को प्रत्याशी घोषित कर दिया। रश्मि ने उम्मीद नहीं छोड़ी। टिकट की दावेदारी से लेकर जीत पाने तक सकारात्मक बनी रहीं।

टीम वर्क आया काम

रश्मि ने चुनाव को खुद की लड़ाई न मानकर टीम वर्क बना दिया। छात्र राजनीति में सक्रिय रहे पुराने छात्र नेताओं के अलावा सामाजिक कार्यों में आगे रहने वाले युवाओं को साथ लिया। रश्मि की जीत के लिए सभी टीम वर्क की तरह जुट गए।

भावनात्मक जुड़ाव काम आया

टिकट कटने के बाद इस्तीफा देने संगठन कार्यालय पहुंचीं रश्मि रो पड़ी थीं। टिकट कटने को रश्मि ने महिला कार्यकर्ता की उपेक्षा बताया था। रश्मि ने खुले तौर से इस बात को कहा। इससे समर्थक व मतदाता उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ते गए।

परिणाम आते ही अराजकता पर उतरे समर्थक, बैरियर तोड़े, पुलिस ने फटकारी लाठियां

एमबीपीजी कालेज में छात्रसंघ चुनाव के परिणाम आते ही विजेताओं के समर्थक अराजकता पर उतर गए। पुलिस के बैरियरों को तोड़कर कालेज के अंदर घुसने का प्रयास किया। समर्थकों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारी निकालनी पड़ी। इस दौरान रश्मि के कुछ समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। बाद में छोड़ दिया गया।

शनिवार की शाम को जैसे-जैसे चुनावी नतीजे सामने आते रहे। कालेज के बाहर समर्थक जोश में आते रहे। उत्साहित समर्थक नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कालेज गेट पर पहुंचे और अंदर घुसने का प्रयास किया। पुलिस के रोकने पर वह धक्का-मुक्की पर उतर आए। इस पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। समर्थकों पर लाठियां फटकार कर उन्हें नैनीताल हाइवे से भगाया।

पुलिस से उलझने पर रश्मि के कुछ समर्थकों को हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। रश्मि लमगड़िया के समर्थक देर शाम तक कालेज के बाहर जुटे थे। नारेबाजी कर उन्होंने जश्न मनाया। एसपी क्राइम व सिटी डटे रहे कालेज के बाहर कानून व्यवस्था को संभालने के लिए एसपी क्राइम डा. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी हरबंस सिंह भी देर रात तक मौके पर डटे रहे।

साथ ही सीओ सिटी भूपेंद्र सिंह धोनी, कोतवाल हरेंद्र चौधरी, एसओ नीरज भाकुनी, एसओ प्रमोद पाठक, एसआई प्रकाश पोखरियाल, एसआई रविंद्र राणा आदि व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे थे। हंगामा करने वालों को समझाया गया।