संस, रामनगर : सेंट जोसफ स्कूल में शिक्षक को हटाने के विरोध में भड़के छात्रों ने हंगामा किया। कुछ छात्रों ने तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। कक्षा से बाहर आने से रोकने पर छात्रों की शिक्षकों से धक्कामुक्की हुई। इसके बाद छात्रों ने खुद को कक्षा में ही बंद कर लिया। छात्रों के इस रवैये से स्कूल प्रबंधन सन्न रह गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। कई बार समझाने के बाद भी शिक्षक को वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। स्कूल प्रबंधन की मीटिंग किए जाने के आश्वासन पर मामला शांत हुआ। हंगामा होने पर कई अभिभावक स्कूल आकर अपने बच्चों को घर ले गए।

पीरूमदारा स्थित सेंट जोसफ स्कूल में काशीपुर निवासी मनप्रीत शिक्षक है। स्कूल प्रबंधन ने नोटिस देकर उसे 15 दिन के लिए हटा दिया था। शनिवार को प्रात: करीब नौ बजे कक्षा दस व 11वीं के छात्रों ने शिक्षक को हटाने पर कक्षा के भीतर हंगामा शुरू कर दिया। बाहर आने का प्रयास कर रहे छात्रों को रोका तो उन्होंने भीतर से कुंडा लगा दिया। इसके बाद शिक्षकों ने बाहर से कुंडा लगा दिया। छात्र कक्षा में तोड़फोड़ करने लगे। उनके इस रवैये पर प्रिंसिपल ने पुलिस ने बुला ली। छात्रों के अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। पुलिस ने दरवाजे का कुंडा खोला तो छात्रों ने बाहर प्रदर्शन व नारेबाजी शुरू कर दी। समझाने पर भी छात्र नहीं माने। कुछ छात्रों ने कक्षा में सीसीटीवी कैमरे व एक गेट तोड़ने का प्रयास किया। प्रिंसिपल ने सोमवार को अभिभावकों के साथ मीटिंग कर शिक्षक के संबंध में फैसला लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों का आक्रोश शांत हुआ।

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शिक्षक स्कूल में नियम विपरीत कार्य कर रहा था। बिना अनुमति के स्कूल में अपना जन्मदिन मनाता था। इससे अन्य शिक्षकों में गलत संदेश जा रहा था। शिक्षक को इसके लिए चेतावनी भी दी गई थी। इसलिए 15 दिन के लिए हटाया गया था।

सिस्टर थेरेसा, प्रिंसिपल सेंट जोसफ स्कूल

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पूर्व में शिक्षक का अभिभावक से विवाद हुआ था, जिसमें सभी शिक्षकों ने उस शिक्षक का साथ दिया था। उसी दिन से प्रिंसिपल नाराज थी, और इसी कारण से स्कूल से उन्हें हटाया है।

मनप्रीत शिक्षक सेंट जोसफ स्कूल।

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शिक्षक पर लगे भड़काने के आरोप

स्कूल के शिक्षक पर भी छात्रों को भड़काने के आरोप लगे हैं। स्कूल पहुंचे अभिभावकों व कुछ छात्रों ने बताया कि शिक्षक छात्रों को पढ़ाई के दौरान भड़काने वाले व गलत विषयों के बारे में बताते हैं। शिक्षक ने एक दिन पहले दसवीं व 11वीं के छात्रों को मैसेज करके उन्हें हटाने की जानकारी दी और छात्रों को सड़क पर आकर प्रदर्शन करने के लिए कहा था। कमरा बंद करके उन्हें पढ़ाया जाता है। अभिभावकों ने कहा कि शिक्षक उनके छात्रों को भड़काकर अपना हित साध रहे हैं।

Posted By: Jagran