जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : वेतनवृद्धि, नियमितीकरण समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जल संस्थान के संविदा कर्मचारी शनिवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। ऐसे में शहरवासियों को पेयजल के लिए हलकान होना पड़ा। राहत देने के लिए जल संस्थान को अधिक प्रभावित इलाकों में किराये के टैंकर लगाने पड़े। कुछ जनप्रतिनिधियों ने खुद के संसाधनों से पेयजल आपूर्ति बहाल कर राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

हल्द्वानी डिवीजन में तैनात संविदा व श्रमिक वर्ग के 170 कर्मचारी गुरुवार से हड़ताल पर हैं। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आधे से अधिक नलकूपों पर ताला लटका हुआ है। इससे पेयजल आपूर्ति सिस्टम लड़खड़ाया हुआ है। लोगों को किराये के टैंकरों से पानी मंगाना पड़ रहा है। शनिवार को जल संस्थान ने किराये के आठ टैंकर लगाकर पानी की आपूर्ति कराई। सहायक अभियंता ललित मोहन पांडे ने बताया कि अधिक प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है। शनिवार को आठ टैंकरों ने करीब 45 फेरे लगाकर पानी की सप्लाई की। कर्मचारी नेता गोविंद आर्य ने बताया कि अधिशासी अभियंता संजय श्रीवास्तव ने मंत्री बंशीधर भगत से वार्ता कराई, मगर वार्ता में कोई हल नहीं निकल सका। इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।

अपना टैंकर लगाया, खुद खोले वाल्व

हड़ताल की वजह से गौलापार क्षेत्र में भी पानी का संकट बना हुआ है। खेड़ा ग्राम पंचायत की प्रधान लीला बिष्ट ने खुद के प्रयासों से टैंकर लगकर पेयजल की आपूर्ति की। पूर्वी व पश्चिमी खेड़ा में पानी की सप्लाई करने से लोगों ने राहत महसूस की। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट नलकूप के वाल्व खुलने में जुटे रहे। बिष्ट ने बताया कि कई नलकूपों में कर्मचारियों ने ताले लगाए हैं।

कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन

मांगों के समर्थन में संविदा कर्मचारियों ने जल संस्थान कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जाती वह पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान संदीप बिनवाल, लीलावती थुवाल, विपिन शर्मा, ललित बिनवाल, शांति नौटियाल, पदमा पपनै, कैलाश बिष्ट, उदय जोशी, रोहित अग्रवाल, रवि जोशी, मोहित अग्रवाल, रोहित बिनवाल आदि शामिल रहे।

Edited By: Skand Shukla