रुद्रपुर, जागरण संवाददाता : राज्य व्यापार कर की विशेष अनुसंधान शाखा ने मुंबई बेस्ड सर्विस प्रोवाइडर फर्म में छापेमारी की तो कंपनी मौके पर बन्द मिली। जांच में पाया गया कि कंपनी का पता गलत दिया गया था। साथ ही चार माह से जीएसटी भी जमा नहीं नहीं की जा रही था। जबकि इसके पहले कंपनी नियमित जीएसटी भर रही थी। जांच में एक करोड़ 17 लाख की टैक्स चोरी पकड़ी गई। हालांकि फर्म स्वामी में 44 लाख रुपये जमा कर दिए हैं।

मेंटीनेंस देने वाली मुंबई की कंपनी ने जीएसटी पोर्टल पर व्‍यापार स्‍थल एक पाश कंपनी में दर्शाया था। कुछ समय से कंपनी टैक्‍स जमा नहीं कर रही थी। कंपनी में दो सौ कर्मचारी काम करते हैं। राज्‍य कर विभाग की एसटीएफ ने कंपनी के बारे में पूरा ब्‍यौरा जुटाया। शनिवार को राज्‍यक म विभाग के एडिशनल कमिश्‍नर बीएस नगन्‍याल और विभाग के एसटीएफ प्रभारी रजनीश अवस्‍थी के निर्देशन में सहायक आयुक्‍त राहुलकांत आर्य और राज्‍य कर आयुक्‍त अनिल चौहान ने फर्म की ओर से दर्शाए गए व्‍यापारिक स्‍थल की तस्‍दीक की।

उन्‍हें व्‍यापारिक स्‍थल बंद मिला। आसपास के लोगों ने भी महीने भर से बंद होने की बात कही। इसके अलावा कंपनी ने चार महीने से टैक्‍स जमा नहीं किया था। और गलत तरीके से कंपनी को आइटीसी पास जारी की जा रही थी। कहा कि एक एक करोड़ 17 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी गई जिसमें से कंपनी में 44 लाख जमा कर दिया है। कंपनी को पूरी धनराशि जमा करनी होगी।

 

Edited By: Skand Shukla