रुद्रपुर, जेएनएन : एनएच मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने मनी ट्रेल के संकेत मिलने के बाद काशीपुर के तीन लोगों से पूछताछ की। साथ ही उनके दिखाए गए दस्तावेजों की जांच कर बयान दर्ज किए। इधर, एसआइटी के विवेचक एएसपी स्वतंत्र कुमार ने गुरुवार को एसआइटी कार्यालय पहुंचकर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली। 

मार्च 2017 में एनएच 74 मुआवजा घोटाले की पुष्टि होने के बाद सिडकुल चौकी में केस दर्ज हुआ था। बाद में एसआइटी का गठन कर जांच सौंप दी गई थी। जांच के दौरान जसपुर से लेकर सितारगंज तक एनएच की जद में आई भूमि का किसानों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर बैक डेट पर 143 के जरिए कई गुना अधिक मुआवजा लेने की पुष्टि हुई थी। इस पर एसआइटी ने मिले साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर 28 अधिकारी, कर्मचारी, किसान, बिल्डर्स और बिचौलियों को गिरफ्तार किया था। साथ ही 211 करोड़ रुपये घोटाले की पुष्टि की थी। इधर, एसआइटी सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान काशीपुर तहसील क्षेत्र में मनी ट्रेल के भी कुछ संकेत मिले थे। इसके आधार पर गुरुवार को एसआइटी ने संबंधित तीन लोगों को तलब कर पूछताछ की। करीब दो घंटे तक चली पूछताछ के दौरान एसआइटी ने उनके दिखाए गए दस्तावेज भी चेक किए। बाद में उनके बयान दर्ज किए। 

प्रवर्तन निदेशालय शुरू कर सकती है वसूली

बैक डेट पर 143 कर करोड़ों का मुआवजा लेने वाले दो दर्जन से अधिक किसान सरकारी खाते में 2.61 करोड़ रुपये का मुआवजा वापस कर चुके हैं। लेकिन अभी भी तीन दर्जन से अधिक किसानों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ऐसे में उनसे मुआवजा वसूली के लिए पूर्व में एसआइटी ने चिह्नीकरण भी शुरू किया था। एसआइटी सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन को मिली रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को भी उपलब्ध हो चुकी है। माना जा रहा है कि किसानों की सूची के आधार पर एनएच मुआवजा घोटाले में मनी लाङ्क्षड्रग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय मुआवजा वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर सकती है।

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Posted By: Skand Shukla

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