जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : मासूमों की सुरक्षा को लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक गंभीर नहीं हैं। स्कूल संचालकों की कार्यशैली ही इसकी पुष्टि कर रही है। शिक्षा विभाग ने हाई कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप मानक पूरे करते हुए 15 दिन में शपथपत्र देने को कहा था। शहर के 30 फीसद विद्यालय भी तय समय में शपथपत्र नहीं दे पाए।

स्कूल वैन में मासूम के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई थी। हरकत में आए प्रशासन ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूल संचालकों की बैठक लेकर नियमों का पाठ पढ़ाया। हल्द्वानी शहर में 25 से 28 सितंबर तक चार स्थानों पर बैठक हुई। विद्यालयों को बीईओ कार्यालय में शपथपत्र प्रस्तुत करना था। मगर 13 अक्टूबर को समयसीमा खत्म होने के बाद ब्लॉक के करीब 80 (28 प्रतिशत) स्कूलों ने ही निर्देशों के पालन करने का शपथपत्र दिया है। पौने तीन सौ स्कूल हैं ब्लॉक में

हल्द्वानी ब्लॉक में सीबीएसई और शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त ¨हदी व अंग्रेजी मीडियम से संचालित विद्यालयों की संख्या 285 है। प्रशासन ने इन स्कूलों में सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए ठोस उपाय करने के निर्देश दिए थे। ये थे हाई कोर्ट के मुख्य आदेश

- स्कूल वाहनों में सीसीटीवी, जीपीएस लगाएं।

- स्कूल बसों में महिला परिचारक की तैनाती।

- विद्यार्थी के पहचान पत्र में इलेक्टिॉनिक चिप लगी हो।

- स्कूल स्टॉफ का पुलिस वेरीफिकेशन हो।

- स्कूल के कॉरिडोर, क्लास रूम, स्कूल परिसर के कम आवाजाही वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाएं। प्रशासन ने ये दिए मुख्य निर्देश

- विद्यालय में चाइल्ड एब्यूज मानीट¨रग कमेटी का गठन हो, जिसमें दो विद्यार्थी प्रतिनिधि हों।

- यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण को लिए समिति गठित हो।

- बस चालक परिचालक को फोटोयुक्त आइडी उपलब्ध कराएं।

- वाहनों में गति नियंत्रण, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा, सायरन आदि लगाएं।

- विद्यालय में महिला काउंसलर की नियुक्ति। कोट

अभी तक करीब 80 विद्यालयों से शपथपत्र दिया है। आज द्वितीय शनिवार की छुट्टी थी। उम्मीद है सोमवार तक सभी स्कूलों से शपथपत्र आ जाएंगे। नहीं आता तो उसके बाद कार्रवाई होगी।

-हरेंद्र मिश्रा, खंड शिक्षाधिकारी

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