जागरण संवाददाता, नैनीताल : कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई पूर्व विधायक सरिता आर्य को पार्टी ने नैनीताल आरक्षित सीट से प्रत्याशी बनाया है। सरिता के शामिल होने से पूर्व इस बार भाजपा अनुसूचित मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अम्बादत्त आर्य, जिलाध्यक्ष प्रकाश आर्य, मुख्यमंत्री के पीआरओ व पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश आर्य, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहन पाल समेत अन्य ने दावेदारी की थी। इधर, निवर्तमान विधायक संजीव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस नेता हेम आर्य भी भाजपा में घर वापसी कर टिकट की उम्मीद पाले थे। आखिरी वक्त में भाजपा में शामिल हुई सरिता के हाथ बाजी लग गई।

जनता में सरिता दीदी के नाम से लोकप्रिय पूर्व विधायक सरिता आर्य का सियासी भविष्य कांगे्रस में वापसी कर चुके निवर्तमान विधायक संजीव आर्य का टिकट लगभग पक्का होने से फंस गया था। सरिता की मजबूती रहे पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी इस बार टिकट के लिए दो-टूक मना कर दिया था। इसके बाद सरिता भी भाजपा में शामिल हो गईं।

संजीव की कांग्रेस में वापसी के बाद से ही सरिता ने भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी व पूर्व सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक से संपर्क में थीं। सह प्रभारी लाकेट चटर्जी के माध्यम से प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रल्हाद जोशी से उनकी मुलाकात भी कराई गई। आखिरकार सरिता को सरल व्यवहार, साफ छवि, कांग्रेस में उनके कद का लाभ मिला। साथ ही संजीव से मुकाबले के लिए भाजपा को दावेदारों में सरिता ही आगे लगी।

बैठक कर तय करेंगे रणनीति : हेम आर्य

टिकट पाने से एक बार फिर पिछड़े हेम आर्य ने कहा कि वह समर्थकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। शुक्रवार को बैठक के बाद चुनाव लडऩे या न लडऩे पर स्थिति स्पष्ट होगी। 2017 में निर्दलीय चुनाव लड़कर हेम तीसरे स्थान पर रहे थे। इधर, टिकट घोषित होने के बाद गुरुवार शाम हेम से मुलाकात के लिए सरिता आर्य उनके आवास पर पहुंचीं।  

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Edited By: Prashant Mishra