जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : मनाने और समझाने की तमाम कोशिशों के बावजूद संध्या डालाकोटी ने लालकुआं सीट पर निर्दलीय के तौर पर शुक्रवार को नामांकन कर ही दिया। गुरुवार देर रात पूर्व सीएम हरीश रावत व कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने संध्या को मनाने का प्रयास किया था, लेकिन 48 घंटे के भीतर टिकट कटने से खफा संध्या नहीं मानी। वहीं, रामनगर में संजय नेगी ने भी निर्दलीय के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया। पूर्व ब्लाक प्रमुख संजय नेगी को राजनीति में हरदा का शिष्य माना जाता है। युवाओं में उनकी मजबूत पकड़ है। कांग्रेस के सामने अब लालकुआं के साथ-साथ रामनगर में भी डैमेज कंट्रोल करने की चुनौती खड़ी हो चुकी है।

कांग्रेस ने संध्या डालाकोटी को पहले लालकुआं सीट पर उम्मीदवार बनाया था, लेकिन दो दिन के अंदर कांग्रेस में टिकट के समीकरण बदल गए। पूर्व सीएम हरीश रावत यहां चुनाव लडऩे को पहुंच गए। टिकट के दो प्रबल दावेदार पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल और हरेंद्र बोरा को तो पार्टी ने मना लिया, लेकिन संध्या ने महापंचायत में समर्थकों की राय लेकर चुनाव लडऩे का मन बना लिया। गुरुवार रात काफी देर तक हरदा व यशपाल आर्य ने संध्या के आवास पर उनसे बातचीत की। इस दौरान बाहर नारेबाजी का सिलसिला भी चलता रहा। पर हाथ में आया टिकट वापस लेने से नाराज संध्या डालाकोटी ने निर्दलीय लडऩे एलान कर दिया। 

वहीं, रामनगर में पूर्व प्रमुख संजय नेगी ने पहले कांग्रेस से टिकट का आवेदन किया था। बाद में हरीश रावत का नाम इस सीट से फाइनल होने पर नेगी ने उन्हें चुनाव लड़ाने की तैयारियां शुरू कर दी थीं, मगर बाद में हरदा भी इस सीट को छोड़ गए और कांग्रेस ने पूर्व सांसद डा. महेंद्र पाल को प्रत्याशी घोषित कर दिया। ऐसे में नेगी के सामने भी नया संकट खड़ा हो गया। समर्थकों संग बैठक करने के बाद उन्होंने रामनगर से निर्दलीय चुनाव लडऩे का मन बनाया और शुक्रवार को नामांकन भी कर दिया। अब हरीश रावत के सामने दो चुनौती खड़ी हो चुकी है। इसे लेकर पार्टी स्तर पर डैमेज कंट्रोल भी जारी है।

Edited By: Prashant Mishra