जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: शासन से भले एनएच बना रही सद्भाव कंपनी को गौला से उपखनिज निकासी की अनुमति मिल चुकी हो, लेकिन गेट का संचालन करने से पहले उसे भंडारण व क्रशिंग प्लांट लगाना होगा। पिछले साल प्लांट लगाने को ली गई अनुमति कंपनी ने सरेंडर कर दी थी। दोबारा निकासी से पहले नवीनीकरण कराना भी जरूरी है। क्रशर व अन्य जगह पर गेट से निकाला गया उपखनिज नहीं गिराया जा सकता।

पिछले खनन सत्र के बीच में ही शासन ने सद्भाव को गौला से नौ लाख घनमीटर माल निकालने की अनुमति दी थी, जिसके बाद स्टेडियम के पास रास्ता बनाकर नदी से उपखनिज निकाला गया। वन निगम के मुताबिक बरेली रोड पर अस्थायी भंडारण व क्रशिंग के लिए जगह बनाई गई थी। खान विभाग के सूत्रों के मुताबिक,प कुछ समय पूर्व कंपनी ने परमिशन सरेंडर कर दी थी। अब दोबारा माल निकालने का आदेश जारी हो चुका है। इस वजह से फिर से प्लांट लगाना होगा। वन निगम के मुताबिक, गेट संचालन से पहले बताना होगा कि माल कहां गिरेगा। उस हिसाब से ही रॉयल्टी कटेगी। जिस नाम से शासन से परमिशन मिली है,प उसी के मुताबिक रवन्ना जारी होगा। बरसात ने बंद कराई गौला

गुरुवार रात से हो रही बारिश की वजह से शुक्रवार को गौला के गेटों पर पानी जमा हो गया। हादसे की आशंका के चलते वन निगम ने शीशमहल से लेकर शांतिपुरी तक सभी निकासी गेट बंद कर दिए। अब पानी कम होने पर ही इन्हें खोला जाएगा। डीएलएम जेपी भट्ट ने बताया कि नदी में पानी होने पर मजदूर व वाहनस्वामी दोनों को दिक्कत होती है।

Posted By: Jagran

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