हल्द्वानी, जेएनएन : परिवहन निगम के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर फिर से आंदोलन का एलान कर दिया है। सोमवार को यूनियन कार्यालय में हुई कुमाऊं स्तरीय बैठक में मांगें पूरी नहीं होने पर 22 अक्टूबर की मध्य रात्रि से कार्य बहिष्कार की घोषणा की गई।

यूनियन के प्रांतीय पदाधिकारियों की निगम के अधिकारियों के साथ वार्ता होनी है, लेकिन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगें न माने जाने यूनियन ने वार्ता से पूर्व ही आंदोलन की चेतावनी दे दी है। यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जो भी असर पड़ेगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी। प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने कहा कि पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। सर्वाधिक चालक व परिचालक इसी यूनियन के सदस्य होने के कारण आंदोलन से बसों का संचालन प्रभावित होगा और यात्री भी परेशान होंगे। क्षेत्रीय मंत्री रामअवध यादव ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद शासन की ओर से 17 करोड़ रुपये दिए जाने के बावजूद कर्मचारियों को सितंबर  का वेतन नहीं दिया गया है। जिस कारण यूनियन को विवश होकर आंदोलन करना पड़ रहा है।

उन्होंने रिटायर्ड कर्मचारियों के देयकों के भुगतान में अनियमितता व अन्य प्रकरणों में भेदभाव करने व वेतन से कटौती करने के बाद भी कर्मचारियों का समिति का पैसा जमा नहीं किए जाने का आरोप लगाया। बैठक में वेतन, दिवाली बोनस, ओवरटाइम सहित कई अन्य मांगें उठाई गई। इस दौरान काशीपुर, रुद्रपुर, रामनगर, हल्द्वानी, काठगोदाम, रानीखेत अल्मोड़ा, भवाली डिपो के पदाधिकारियों के साथ ही कुमाऊ संयोजक आरएस नेगी, केके यादव, इकबाल अहमद, मुकेश शर्मा, अनुज कुमार, राहुल दिवाकर मनोज भट्ट, आनंद सिंह अधिकारी, जावेद अली, रूप किशोर, सागर, विपिन कुमार, सुधीर कुमार आदि मौजूद थे।

Posted By: Skand Shukla

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