जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : बसों का संचालन शुरू होने के एक सप्ताह बाद भी परिवहन निगम की स्थिति ठीक नहीं है। 25 जून से यात्रियों को राहत देते हुए बसें दौड़ाई गई, लेकिन रोडवेज प्रबंधन को डीजल का खर्च तक नहीं निकाल पा रहा है। इसकी वजह यात्रियों की संख्या कम होना है। काठगोदाम, हल्द्वानी व जेएनएनयूआरएम डिपो से सप्ताह भर में करीब पांच लाख रुपये की ही इनकम हुई है। आरएम यशपाल सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के हिसाब से बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। अब धीरे-धीरे मुसाफिरों की संख्या में इजाफा होता दिख रहा है।

इधर, काठगोदाम डिपो के एआरएम सुरेश चौहान ने बताया कि काठगोदाम से गुरुवार से जसपुर के लिए बसों का संचालन किया गया है। इसके अलावा काठगोदाम डिपो की बसें बागेश्वर व कौसानी के लिए चलाई जा रही हैं। हल्द्वानी से दूनागिरी व जौरासी जाने वाली बसें पहले की तरह रोजाना अपने नियमित समय सुबह 8:30 बजे चलेंगी। जबकि पिछले एक सप्ताह से कामचलाऊ व्यवस्था के रूप इन बसों का संचालन किया जा रहा था। इधर हल्द्वानी-रामनगर बस एसोसिएशन ने गुरुवार से रोजाना सुबह आठ बजे से हर घटे बसों के संचालन का फैसला लिया है। हालाकि शुरुआत में ट्रायल किया जा रहा है। यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों की संख्या बढ़ाई या घटाई जाएगी।

सरकार के सार्वजनिक वाहनों के दोगुना किराए व आधी सवारियों के साथ संचालन के आदेश के बाद निजी बस संचालकों ने बसें चलाई, लेकिन यात्री न मिलने से संचालन बंद कर दिया गया। अब कारोबारी गतिविधियों का समय भी शाम आठ बजे तक कर दिया गया है। इससे बस संचालकों को यात्री मिलने की उम्मीद जगी है। हल्द्वानी-रामनगर बस यूनियन के अध्यक्ष अभय क्वीरा ने बताया कि गुरुवार से ट्रायल के तौर पर बसें चलाई जाएंगी। सुबह आठ बजे से हर घटे में एक बस हल्द्वानी से रामनगर और रामनगर से हल्द्वानी भेजी जाएगी। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ी तो बसों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी। यदि किसी निर्धारित समय पर यात्री नहीं मिले तो उस समय पर बसों के संचालन को रोकने पर भी विचार किया जाएगा।

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