हल्द्वानी, जागरण संवाददाता : महामारी की स्थिति को देखते हुए रामपुर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज में डीआरडीओ द्वारा अस्थायी कोविड अस्पताल का निर्माण काफी तेजी से चल रहा है। पांच सौ बेड के हॉस्पिटल में संसाधन मुहैया कराने का जिम्मा प्रशासन पर है। अस्पताल के अंदर पहुंचने और बाहर निकलने के लिए मेडिकल कॉलेज के गेटों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसलिए लोक निर्माण विभाग को आंतरिक मार्ग, एप्रोच रोड व फेंसिंग का काम सौंपा गया। लोनिवि ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए एक करोड़ 26 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव दिया है।

 

कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी में कोरोना संक्रमित मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस दबाव को कम करने के लिए मिनी स्टेडियम में मिनी कोविड अस्पताल बनकर तैयार हो चुका है। वहीं, मेडिकल कॉलेज में फ्रेबिकेडिड कोविड हॉस्पिटल बनना है। क्षमता ज्यादा होने के कारण सरकार द्वारा डीआरडीओ का सहयोग लिया जा रहा है। लोनिवि के मुताबिक उन्हें आंतरिक मार्ग बनाने, एप्रोच रोड, ड्रेनेज सिस्टम के लिए नाली और अस्पताल के चारों और सात फीट लंबी फेंसिंग बनानी है। इस काम में एक करोड़ 26 लाख रुपये खर्च होंगे।

 

एचएन से एंट्री और तरणताल से आउट

लोक निर्माण विभाग के मुताबिक कोविड अस्पताल आने के लिए रामपुर रोड स्थित एचएन स्कूल के अंदर होकर आना पड़ेगा। जबकि वापसी तरणताल से होगी। इससे मेडिकल कॉलेज के दोनों गेट पर कोरोना मरीजों के वाहन नहीं गुजरेंगे। संक्रमण की दृष्टि से यह निर्णय ठीक है।

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