जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने ऋषिकेश में पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को परिसर घोषित किया है। विश्वविद्यालय के परिसर में 14 विषय पढ़ाने के लिए शिक्षकों की अभिरुचि आमंत्रित की गई थी। जिसमें रुचि के आधार पर प्रदेश के डिग्री कॉलेजों के 55 शिक्षकों को ऋषिकेश स्थित नए परिसर में समायोजित करने का आदेश जारी किया गया है।

प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत या सेवारत स्थायी प्राध्यापकों से विश्वविद्यालय के नए घोषित परिसर के लिए विकल्प मांगे गए थे। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की ओर से गठित स्क्रीनिंग समिति की संस्तुति के बाद समायोजन के लिए राज्यपाल ने स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में अभिरुचि व्यक्त करने वालों की सूची उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से तैयार की गई है। सभी शिक्षकों को ऋषिकेश पहुंचने के लिए कहा गया है।

स्थानांतरण पर लगेगा ब्रेक

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के पं. ललित शर्मा ऋषिकेश परिसर में नियुक्ति के बाद शिक्षकों को बार-बार स्थानांतरण से मुक्ति मिलेगी। नई नियुक्ति नॉन ट्रांसफरेबल है। जिसमें विश्वविद्यालय परिसर में ही अध्यापन का कार्य करना होगा। जबकि इसके अतिरिक्त टिहरी गढ़वाल के बादशाहीथौल में विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर है। वहीं गोपेश्वर में भी एक नया परिसर निर्मित किया जा रहा है।

मार्च तक निदेशालय से वेतन

समायोजन पर ऋषिकेश जाने वाले शिक्षकों को मार्च माह तक उच्च शिक्षा निदेशालय से ही वेतन दिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय का कहना है कि अप्रैल में नए वित्तीय वर्ष के बाद विश्वविद्यालय की ओर से वेतन देने की व्यवस्था होगी। जिसमें दोनों जगह पे स्केल समान रहेगा। उच्च शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक डा. एनएस बनकोटी ने बताया कि अभिरुचि के आधार पर उत्तराखंड के 55 स्थायी प्राध्यापकों का समायोजन ऋषिकेश स्थित विश्वविद्यालय परिसर में किया गया है। जिसके लिए शासन से सूची जारी कर दी गई है।

Edited By: Skand Shukla