पढ़ाई का चस्का: 19 डिग्रियों के बाद भी ज्ञान की खोज जारी, 50 साल की उम्र में अब 20वीं डिग्री की तैयारी
रामनगर के अधिवक्ता डॉ. पूरन चंद्र पांडे ने 19 डिग्रियां प्राप्त की है। अब वे 20वीं डिग्री के लिए तैयारी ...और पढ़ें

अधिवक्ता डा. पूरन चंद्र पांडे।

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जागरण संवाददाता, रामनगर। कहते हैं कि सीखने व पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है, इसे चरितार्थ कर रहे हैं उत्तराखंड के रामनगर के अधिवक्ता डा. पूरन चंद्र पांडे। डा. पांडे की उम्र 50 वर्ष है और अब 20वीं डिग्री के लिए तैयारी कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से विकास अध्ययन में 19वीं डिग्री प्राप्त की है।
डा. पांडे का शिक्षा का सफर 1998 में पहली स्नातक डिग्री से शुरू हुआ। उन्होंने कानून के साथ-साथ समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मानवाधिकार, मनोविज्ञान, शिक्षा शास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी, योग, जनसंचार, दर्शनशास्त्र, ज्योतिष, पत्रकारिता, महात्मा गांधी एवं शांति अध्ययन जैसे विविध विषयों का अध्ययन किया है। कानून के क्षेत्र में उन्होंने एलएलबी, एलएलएम व पीएचडी जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताएं भी प्राप्त की हैं।
डा. पांडे का मानना है कि शिक्षा केवल एक विषय तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विभिन्न विषयों का अध्ययन व्यक्ति की सोच को विस्तारित करता है। उन्होंने अपनी शैक्षणिक उपाधियां कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, साबरमती विश्वविद्यालय गुजरात और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी से प्राप्त की हैं।
डा. पांडे ने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से एमबीए में 20वीं डिग्री लेने को प्रवेश के लिए आवेदन किया है। वे पेशेवर अधिवक्ता होने के साथ ही विभिन्न विषयों पर शोध एवं लेखन जारी रखे हुए हैं। पूरन पांडे ने बताया कि दैनिक जागरण में विभिन्न मुददों पर सबसे ज्यादा पत्र लिखने का गिनीज बुक आफ रिकार्ड भी उनके नाम है।
