जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : Uttarakhand Weather News Update : उत्‍तराखंड में जारी बारिश का दौर बीते शाम मंगलवार से थम गया है। हालांकि आसामान में बादलों का पहरा है। वहीं बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली है। बारिश की आशंका को लेकर पर्वतीय जिलों के लोगों की रात दहशत में गुजरी। वहीं बीते दिनों हुई लगातार बारिश के कारण कुमाऊं मंडल की दर्जनों सड़के बंद हैं। कई हिस्‍सों में बिजली भी गुल है। कुछ स्‍थानों पर नेटवर्क की भी समस्‍या अब तक बनी हुई है।

कुमाऊं में पहले नहीं हुई इस बार की जैसी बारिश

सोमवार रात कुमाऊं पर आफत के साथ मौत की बारिश हुई । जिसने कई जिंदगी लील लीं। अक्टूबर में इस कदर बारिश पहले कभी नहीं देखी गई। एक दिन के अलावा अक्टूबर में बारिश का नया रिकार्ड बना है। कुमाऊं के अलग-अलग जिलों में लंबी अवधि के औसत से चार से 12 गुना तक अधिक बारिश हुई है। आफत की बारिश ने सड़क, पुल, मकान जैसी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया ही, सबसे दुखद बात दर्जनों जिंदगियां लील लीं। बुधवार से मौसम में बदलाव के आसार हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को कुमाऊं के नैनीताल, पिथौरागढ़ व चम्पावत जिलों में कहीं कहीं पर हल्की से मध्यम बारिश व गरज के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है। शेष जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा। गुरुवार से समूचे कुमाऊं में मौसम साफ रहने की संभावना है।

इस तरह बना नया रिकार्ड

पंतनगर में मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटे में 404 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले छह अक्टूबर, 2009 को पंतनगर में एक दिन के दौरान सर्वाधिक 138.8 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। पूरे अक्टूबर में सर्वाधिक 301 मिमी बारिश का रिकार्ड 1985 के नाम दर्ज था। इस बार की बारिश ने दोनों ही रिकार्ड पीछे छोड़ दिए हैं। खास बात ये भी है कि मानसून के चार माह जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर में भी 24 घंटे के दौरान दस बार की जैसी बारिश नहीं हुई है।

कुमाऊं में अक्टूबर में बारिश का आंकड़ा

जिला          औसत बारिश            बारिश         हुई वृद्धि

अल्मोड़ा       20.7                      218.2         954

बागेश्वर       20.7                       256.2        1138

चम्पावत      56.7                       330.2        482

नैनीताल      40.5                       377.7          833

पिथौरागढ़    46.1                       228.4          395

यूएसनगर    36.2                       319.6          783

(नोट: बारिश मिमी व वृद्धि प्रतिशत में। आंकड़ा 19 अक्टूबर तक)

नैनीताल-हल्‍द्वानी मार्ग खुला

नैनीताल में बीती शाम से बारिश थम गई है। आसमान में बादल छाए हैं। 48 घंटे बाद नैनीताल-हल्द्वानी, नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग खुल गया है। आधे शहर में बिजली अब भी गुल है। मल्लीताल क्षेत्र में रात बमुश्किल आपूर्ति बहाल हो सकी। जिले में एक दर्जन सड़कें अभी भी अवरुद्ध।

चंपावत में नेटवर्क ठप

चम्पावत में विगत तीन दिनों से हो रही बारिश देर रात में थम गई। जनपद के पर्वतीय क्षेत्र में हल्के बादल छाए हैं तो मैदानी क्षेत्र में धूप निकल रही है। पर्वतीय क्षेत्र में 24 घण्टे बन्द भी बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। मोबाइल नेटवर्क भी बन्द पड़े हुए हैं। जिससे लीगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश थमने के बाद टनकपुर शारदा घाट पर थोड़ा पानी कम हुआ है।

नेशनल हाईवे चल्‍थी में बहा

टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच चल्थी व धौन में बह जाने के कारण कनेक्टीविटी खत्म हो गई है। एनएच में कई जगह मलबा आ बया है। कार्यदाई कम्पनियों ने बारिश थमने के बाद मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है।

Edited By: Skand Shukla