हल्द्वानी, जागरण संवाददाता : रेल संचालन का कार्य बिजली से करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे प्रयास कर रहा है। जिससे सस्ती ऊर्जा खपत से रेलवे का संचालन किया जा सकेगा। ऐसे में रेलवे को संचालन कार्य में घाटा नहीं उठाना पड़ेगा। ऐसे में उम्‍मीद है कि 2023 तक पूरे देश में ट्रेनों का संचाचलन विद्युत से शुरू हो जाएगा।

भारतीय रेल का संचालन पहले कोयले से किया जाता था। बाद में सस्ती ऊर्जा खपत व पर्यावरणीय दृष्टिकोण से डीजल इंजन लाया गया। ऐसे में अब विद्युत चालित रेलवे के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। जिसमें रेलवे लाइन को विद्युत चालित बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य जारी है।

काठगोदाम रेलवे स्टेशन निरीक्षण करने पहुंचे भारतीय रेलवे बोर्ड के वित्तीय आयुक्त नरेश सलेचा ने बताया कि वर्ष, 2023 तक भारतीय रेल को पूरी तरह से विद्युतीकृत किया जाना है। जिससे सस्ती ऊर्जा के साथ ही पर्यावरण के लिए भी फायदा होगा। ऐसे में उत्तराखंड की भी विभिन्न लाइनों में विद्युत लाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है।

अभी तक टनकपुर रेल लाइन का कार्य लगभग पूरा होना वाला है। जिसे 10 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे में टनकपुर से 10 मार्च के बाद विद्युत रेल का संचालन भी आरंभ हो सकता है। जबकि हाल ही में पीलीभीत से बरेली तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा करके रेल का ट्रायल भी कर लिया गया है।

रेलवे स्टेशन पर मिली अनियमितता

भारतीय रेल बोर्ड के वित्तीय आयुक्त नरेश सलेचा ने काठगोदाम रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। रविवार की देर शाम निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लेटफार्म एक दो और तीन को बारीकी से देखा जिसमें प्लेटफार्म की सतह टूटी हुई पाई गई। जिसे ठीक कराने का निर्देश उन्होंने एडीआरएम इज्जत नगर, विवेक गुप्ता को दिया है। इसके अतिरिक्त काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर एकमात्र भोजनालय की बिलिंग मशीन खराब पाई गई। जिसके लिए उन्होंने पांच हजार रुपये का जुर्माना  लगाया है।

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Edited By: Skand Shukla