जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : अपने ही भवन से कब्जा हटाने गई नगर निगम की टीम को कब्जाधारी परिवार का भारी विरोध झेलना पड़ा। एक महिला की टीम से झड़प हो गई। अधिकारी महिला को समझाते रहे। आखिरकार तीन घंटे चली झड़प व माथापच्ची के बाद टीम भवन पर कब्जा ले पाई।

वर्कशॉप लाइन के पास नगर निगम का भवन है। निगम में चालक पद पर कार्यरत स्व. शिव दत्त जोशी के परिवार को भवन में क्वाटर दिया गया था। नगर निगम के अनुसार रिटायर होने के बाद भी कर्मचारी ने कमरे से कब्जा नहीं छोड़ा। बीस साल पहले शिव दत्त जोशी की मौत हो गई, मगर कई बार नोटिस देने के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ा गया। मामला हाई कोर्ट में चला। एक सप्ताह पहले कोर्ट ने कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को तहसीलदार डीआर आर्य, सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान दोपहर 3 बजे दल-बल के साथ कब्जा लेने पहुंचे। मकान में रह रही स्व. जोशी की पत्‍‌नी आनंदी देवी और उनका बेटा, बेटी इसका विरोध करते रहे। परिवार मकान खाली करने को तैयार नहीं हुआ। बाद में बमुश्किल समझाने के बाद निगम की टीम कब्जा ले पाई। एसएनए चौहान ने बताया कि पांचों को कमरों पर ताला लगा दिया गया है। इस दौरान कर निरीक्षक भरत त्रिपाठी, पूजा चंद्रा आदि शामिल रहे। चार माह पहले भी हटाया था कब्जा

हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम की टीम ने करीब चार माह पहले भी भवन को कब्जा मुक्त किया था। मगर महिला की तरफ से कोर्ट में पत्र देने के बाद इस पर दोबारा सुनवाई हुई। एक सप्ताह पहले कोर्ट ने कब्जा हटाने के निर्देश दिए। नगर निगम ने कब्जा हटाने का समय दिया था, लेकिन परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं था।

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