जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में तेजी से हो रहे डेमोग्राफिक चेंज (जनसांख्यिकीय बदलाव) के बीच रुद्रपुर में देखते ही देखते संप्रदाय विशेष की कालोनी बसा दी गई। प्लाटिंग हुई। कुछ मकान भी बने। लेकिन प्रदेश सरकार की चेतावनी को दरकिनार कर पुलिस व जिला प्रशासन ने मौन साध लिया। सांप्रदायिक कालोनी के मामले में न पुलिस की चुप्पी टूटी और न ही प्रशासन का मौन। यहां पुलिस महानिदेशक के आदेश की भी परवाह नहीं की गई। नेपाल के साथ ही उत्तर प्रदेश से लगे संवेदनशील जिले के मामले में पूरा सिस्टम ही असंवेदनशील बना रहा।

रुद्रपुर की सांप्रदायिक कालोनी का प्रचार उत्तर प्रदेश के बरेली के बहेड़ी व रामपुर के बिलासपुर तक होता रहा। लेकिन इसकी खबर इंटेलिजेंस को नहीं लगी। हालांकि लालपुर में ही पुलिस चौकी है। यहां के प्रति पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था। लेकिन मैनेज के खेल में सब साझीदार बन खेल देखते रहे।

डीएम एसपी को साफ निर्देश

प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसख्ंया में भारी बढ़ोतरी से दिख रहे डेमोग्राफिक चेंज और इसके कारण पलायन की सूचनाओं के बाद सरकार सख्त हो गई है। इसी क्रम में शासन ने पुलिस महानिदेशक के साथ ही सभी जिलों के डीएम व एसएसपी को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी जिलों में जिला स्तरीय समितियों के गठन, अन्य राज्यों से आकर बसे व्यक्तियों का सत्यापन के लिए कहा गया है। सभी डीएम से यह भी कहा गया है कि क्षेत्र विशेष में भूमि की खरीद-फरोख्त पर विशेष निगरानी रखी जाए। लेकिन यहां की सांप्रदायिक कालोनी में न एसपी ने कुछ किया और न ही डीएम ने ही।

लैंड जिहाद का भी मामला

पलायन का दंश झेल रहे उत्तराखंड में 'लैंड जिहादÓ शब्द भी चर्चा में है। इंटरनेट मीडिया पर तो इसे लेकर बहस भी खूब चली। इस संबंध में शिकायत भी सरकार को मिली। इसके तहत उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर के साथ ही चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी समेत कुछ अन्य जिलों में डेमोग्राफिक चेंज देखने में आ रहा है। इसमें ऊधमसिंह नगर को संवेदनशील माना गया।

Edited By: Skand Shukla